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Sushil Sarna's Discussions (1,416)

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"खंजर सुन लो काल का ,नहीं जानता भेदपोथी बांच कुरान की ,पढ़ ले चाहे वेद प्रदत विषय पर स…"

Sushil Sarna replied Jan 9, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-63

466 Jan 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"प्रदत विषय पर बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति हुई है   .... हार्दिक बधाई स्वीकार करें आदरणी…"

Sushil Sarna replied Jan 9, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-63

466 Jan 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"तीखे ताने तीखे आखर, कड़वी बातें कड़वे भाव खंजर से ज्यादा देते हैं,अन्तःउर तक गहरे घाव…"

Sushil Sarna replied Jan 9, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-63

466 Jan 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"एहसान आप लेते हैं ख़ंजर का किस लिएलेनी है मेरी जान अगर मुस्कराइये वाह वाह प्रदत विषय…"

Sushil Sarna replied Jan 9, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-63

466 Jan 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"वाह वाह आदरणीय अखिलेश जी प्रदत विषय को हास्य पुट देते हुए बहुत ही सधे हुए दोहे कहे ह…"

Sushil Sarna replied Jan 9, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-63

466 Jan 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय प्रदत विषय पर आपकी दोनों ही प्रस्तुतियाँ विषय को जीवंत कर रही हैं। हार्दिक बध…"

Sushil Sarna replied Jan 9, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-63

466 Jan 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"शाल मिठाई मेल मिलाईबुरी नहीं है प्रेम कमाई हिस्से अपने आँसू हरदमबहुत हो गया अब तो भा…"

Sushil Sarna replied Jan 9, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-63

466 Jan 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय प्रदत विषय पर बहुत सुंदर भावाभिव्यक्ति हुई है ,हार्दिक बधाई। "

Sushil Sarna replied Jan 9, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-63

466 Jan 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"व्यर्थ की उलझनतेजाब छिड़कतेमटमैले मन बहुत ही सुंदर व्याख्या। .... आपने प्रदत विषय को…"

Sushil Sarna replied Jan 9, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-63

466 Jan 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय विजय जोशी जी प्रदत विषय पर तीनों ही मुक्तक बहुत सुंदर बने हैं। हार्दिक बधाई। "

Sushil Sarna replied Jan 9, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-63

466 Jan 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

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