For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

pratibha pande's Discussions (4,634)

Discussions Replied To (3200) Replies Latest Activity

"प्रदत्त विषय पर अच्छी रचना हार्दिक बधाई आदरणीय उस्मानी जी। चंचल/ नटखट..एक ही अर्थ है"

pratibha pande replied Jul 31, 2024 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-112

34 Jul 31, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

"इसी कथ्य को किसी दूसरी शैली में भी ढाला जा सकता है ..जैसे पिता द्वारा अपनी डायरी में…"

pratibha pande replied Jul 31, 2024 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-112

34 Jul 31, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय मिथिलेश जी आपकी कुशल कलम को  लघुकथा पर भी चलते देखना अच्छा लगता है।ईमानदार…"

pratibha pande replied Jul 31, 2024 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-112

34 Jul 31, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

"झूठी औरतें(माँ की डायरी से) ____ 27/7/24 सुबह पाखी पूरे वीडियो कॉल के दौरान मुझे ट…"

pratibha pande replied Jul 31, 2024 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-112

34 Jul 31, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

मुख्य प्रबंधक

"हार्दिक आभार आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी"

pratibha pande replied Jul 14, 2024 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164

97 Jul 15, 2024
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

मुख्य प्रबंधक

"  अपने जीवन तक ही हमने, मानव जीवन माना अगली पीढ़ी को फिर चाहे, लाख पड़े पछताना बाग़-बगी…"

pratibha pande replied Jul 14, 2024 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164

97 Jul 15, 2024
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

मुख्य प्रबंधक

"बहुत सुन्दर गीत..हार्दिक बधाई आदरणीय "

pratibha pande replied Jul 14, 2024 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164

97 Jul 15, 2024
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

मुख्य प्रबंधक

"छन्न पकैया छन्न पकैया, लाएगी हरियालीअम्बर पर छाई है यारो, आज घटा जो काली// अहा..बहुत…"

pratibha pande replied Jul 14, 2024 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164

97 Jul 15, 2024
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

मुख्य प्रबंधक

"हरियाली के साथ ही, जल, जीवन की सोचकंक्रीट के जाल  को, कुछ  तो  कर संकोच।७।// वाह..बह…"

pratibha pande replied Jul 14, 2024 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164

97 Jul 15, 2024
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

मुख्य प्रबंधक

"अदम्य साहस तो हैनिरंतर रौशन रहने कीनदी तुम गतिमान रहनारफ़्तार हो जब तक // बहुत सुन्दर…"

pratibha pande replied Jul 14, 2024 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164

97 Jul 15, 2024
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आ. भाई सुशील जी , सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहा मुक्तक रचित हुए हैं। हार्दिक बधाई। "
Sunday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय अजय गुप्ताअजेय जी, रूपमाला छंद में निबद्ध आपकी रचना का स्वागत है। आपने आम पाठक के लिए विधान…"
Sunday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय सौरभ जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय जी ।सृजन समृद्ध हुआ…"
Sunday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय सौरभ जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । आपका संशय और सुझाव उत्तम है । इसके लिए…"
Sunday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"  आदरणीय सुशील सरना जी, आयोजन में आपकी दूसरी प्रस्तुति का स्वागत है। हर दोहा आरंभ-अंत की…"
Sunday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"  आदरणीय सुशील सरना जी, आपने दोहा मुक्तक के माध्यम से शीर्षक को क्या ही खूब निभाया है ! एक-एक…"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"

२१२२/२१२२/२१२ **** तीर्थ  जाना  हो  गया  है सैर जब भक्ति का हर भाव जाता तैर जब।१। * देवता…See More
Sunday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"अंत या आरंभ  --------------- ऋषि-मुनि, दरवेश ज्ञानी, कह गए सब संतहो गया आरंभ जिसका, है अटल…"
Saturday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"दोहा पंचक  . . . आरम्भ/अंत अंत सदा  आरम्भ का, देता कष्ट  अनेक ।हरती यही विडम्बना ,…"
Saturday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"दोहा मुक्तक. . . . . आदि-अन्त के मध्य में, चलती जीवन रेख ।साँसों के अभिलेख को, देख सके तो देख…"
Saturday
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"नमस्ते, सुशील जी। आप से मिली सराहना बह्त सुखदायक है। आपका हार्दिक आभार।"
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा एकादश. . . . . पतंग

मकर संक्रांति के अवसर परदोहा एकादश   . . . . पतंगआवारा मदमस्त सी, नभ में उड़े पतंग । बीच पतंगों के…See More
Jan 14

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service