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दिनेश कुमार's Discussions (883)

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"लाजवाब ग़ज़ल हुई है आ. राजेश कुमारी जी। सरल शब्दों में दमदार कहन। आप के लेखन को नमन।…"

दिनेश कुमार replied Jun 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-60

623 Jun 27, 2015
Reply by वीनस केसरी

"बहुत खूब ...आ. निलेश भाई, बहुत उम्दा ग़ज़ल कही है । वाह वाह फिर उनींदे से हुए सुन के…"

दिनेश कुमार replied Jun 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-60

623 Jun 27, 2015
Reply by वीनस केसरी

"बहुत ख़ूबसूरत ग़ज़ल कही है आदरणीय गिरिराज सर जी। सभी अश्आर उम्दा बन पड़े हैं। हार्दिक…"

दिनेश कुमार replied Jun 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-60

623 Jun 27, 2015
Reply by वीनस केसरी

"सामना मौत से पल-पल हो अगरचे मंजूर गैर की बांहों में दिलबर नहीं देखे जाते... बेहतरीन…"

दिनेश कुमार replied Jun 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-60

623 Jun 27, 2015
Reply by वीनस केसरी

"बहुत अच्छी ग़ज़ल कही है आ. सुनील जी। दिल से दाद व मुबारकबाद। आखिरी दो शे'र विशेष पसं…"

दिनेश कुमार replied Jun 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-60

623 Jun 27, 2015
Reply by वीनस केसरी

"मुशायरे का इतना बेहतरीन आगाज़ करने के लिए मेरी तरफ से भी मुबारकबाद क़ुबूल करें आ. ASHF…"

दिनेश कुमार replied Jun 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-60

623 Jun 27, 2015
Reply by वीनस केसरी

"पहले यह लिखा था -- अपने दु:ख दर्द सभी मेरे हवाले कर दे । फिर बदल कर दे का दोस्त कर द…"

दिनेश कुमार replied Jun 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-60

623 Jun 27, 2015
Reply by वीनस केसरी

"आप खुशकिस्मत हैं, आप के समीप के हैं।"

दिनेश कुमार replied Jun 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-60

623 Jun 27, 2015
Reply by वीनस केसरी

"Just excellent..sir ग़ज़ल इतनी उम्दा हुई है कि शब्द कम पड़ जाएंगे, तारीफ़ करते करते।…"

दिनेश कुमार replied Jun 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-60

623 Jun 27, 2015
Reply by वीनस केसरी

"रश्क में, अपने से बेहतर नहीं देखे जाते बादशाहों से कलन्दर नहीं देखे जाते मेरी ये ति…"

दिनेश कुमार replied Jun 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-60

623 Jun 27, 2015
Reply by वीनस केसरी

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"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

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Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

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