For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Rana Pratap Singh's Discussions (2,359)

Discussions Replied To (2014) Replies Latest Activity

"आदरणीय अमित जी खूबसूरत शेर कहे हैं| मकता सबसे अच्छा लगा| एक दो शेर मे थोड़ा और समय दे…"

Rana Pratap Singh replied Apr 27, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106

277 Apr 28, 2019
Reply by SALIM RAZA REWA

"मुहतरम जनाब आसिफ ज़ैदी साहब गजल पर आपका प्रयास उम्दा हुआ है| कुछ कमियाँ हैं जिनहे समर…"

Rana Pratap Singh replied Apr 27, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106

277 Apr 28, 2019
Reply by SALIM RAZA REWA

"मात्राओं को गिराने का कोई प्रामाणिक लिखित नियम नहीं है| जिन्हें, उन्हें, तुम्हें, क्…"

Rana Pratap Singh replied Mar 19, 2019 to "OBO लाइव तरही मुशायरे"/"OBO लाइव महा उत्सव"/"चित्र से काव्य तक" प्रतियोगिता के सम्बन्ध मे पूछताछ

214 Jan 23, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"जिन्हें, उन्हें को मात्रा गिराकर 11 किया जा सकता है, इसी प्रकार "इन्हें, इन्हीं"  को…"

Rana Pratap Singh replied Mar 12, 2019 to "OBO लाइव तरही मुशायरे"/"OBO लाइव महा उत्सव"/"चित्र से काव्य तक" प्रतियोगिता के सम्बन्ध मे पूछताछ

214 Jan 23, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

""जि1/न्हें/1  इं2/साँ/2     न/1हीं/1 कह/1ते/2     उ/1न्हें/1 इं/2साँ/2    कर/2 दें/2…"

Rana Pratap Singh replied Mar 12, 2019 to "OBO लाइव तरही मुशायरे"/"OBO लाइव महा उत्सव"/"चित्र से काव्य तक" प्रतियोगिता के सम्बन्ध मे पूछताछ

214 Jan 23, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

सदस्य टीम प्रबंधन

"जी ठीक है तब मैं मिसरों को पूर्ववत कर देता हूँ|"

Rana Pratap Singh replied Feb 3, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-84 सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)

12 Feb 3, 2019
Reply by Rana Pratap Singh

सदस्य टीम प्रबंधन

"तरह का वज़्न 21 होना चाहिए "

Rana Pratap Singh replied Jan 26, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-84 सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)

12 Feb 3, 2019
Reply by Rana Pratap Singh

"वाह वाह .....जनाब सुरखाब बशर साहब ॥बेहतरीन शेर कहे हैं और गिरह भी लाजवाब है ॥ढेर सार…"

Rana Pratap Singh replied Jan 26, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-103

690 Jan 26, 2019
Reply by Samar kabeer

"मुहतरम अनीस शेख साहब कमाल के शेर कहे हैं ॥गिरह का शेर मुझे खासा पसंद आया मेरी तरफ से…"

Rana Pratap Singh replied Jan 26, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-103

690 Jan 26, 2019
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय मुनव्वर अली ताज साहब खूबसूरत कलाम के लिए ढेर सारी दाद और मुबारकबाद कबूल कीजिय…"

Rana Pratap Singh replied Jan 26, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-103

690 Jan 26, 2019
Reply by Samar kabeer

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
yesterday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 6
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service