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शिज्जु "शकूर"'s Discussions (2,379)

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"आ. राज नवादवी जी, दाद ओ मुबारकबाद कुबूल फरमाएँ,  माना अशआर के नये निकलेजब भी दिल से…"

शिज्जु "शकूर" replied Oct 19, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग-1)

2001 Oct 21, 2018
Reply by Afroz 'sahr'

"चार लोगों से चार बातें सुनपाँचवी वो सुना गया है मुझे/// बेहतरीन शे'र है, आदरणीय अजय…"

शिज्जु "शकूर" replied Oct 19, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग-1)

2001 Oct 21, 2018
Reply by Afroz 'sahr'

"ग़ज़ल 1 ख़्वाब ए जानाँ दिखा गया है मुझेनींद से वो जगा गया है मुझे सैकड़ों बार का सुन…"

शिज्जु "शकूर" replied Oct 19, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग-1)

2001 Oct 21, 2018
Reply by Afroz 'sahr'

"आ. दिनेश भाई अच्छी ग़ज़ल हुई है, मुबारक़बाद कुबूल फरमाएँ"

शिज्जु "शकूर" replied Oct 19, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग-1)

2001 Oct 21, 2018
Reply by Afroz 'sahr'

"आ. निलेश भाई, तहेदिल से बधाई इस ग़ज़ल के लिए ///जम गयी है हर-इक नज़र मुझ पर  वो तमाशा…"

शिज्जु "शकूर" replied Oct 19, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग-1)

2001 Oct 21, 2018
Reply by Afroz 'sahr'

"मोहतरम अशफ़ाक़ अली साहिब, इस ग़ज़ल के लिए आपको मुबारक़बाद। दीगर शोअरा की ग़ज़लों पर भी अपने…"

शिज्जु "शकूर" replied Oct 19, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग-1)

2001 Oct 21, 2018
Reply by Afroz 'sahr'

"महदूद है ये दौर कुशादा कहें जिसेसिमटा है 'पूल' सा सभी दरिया कहें जिसेजो सिर्फ़ सुन के…"

शिज्जु "शकूर" replied Sep 27, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-99

458 Sep 28, 2018
Reply by Samar kabeer

"अच्छी ग़ज़ल हुई है बधाई आपको मोहतरम मिर्ज़ा जावेद साहिब"

शिज्जु "शकूर" replied Aug 24, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-98

274 Aug 25, 2018
Reply by Samar kabeer

"अच्छी ग़ज़ल है आ. सुरेन्द्र नाथ जी, सादर बधाई"

शिज्जु "शकूर" replied Aug 24, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-98

274 Aug 25, 2018
Reply by Samar kabeer

"मोहतरम तस्दीक अहमद साहिब अच्छी ग़ज़ल हुई है बधाई आपको"

शिज्जु "शकूर" replied Aug 24, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-98

274 Aug 25, 2018
Reply by Samar kabeer

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Ashok Kumar Raktale posted a blog post

चौपाइयाँ

*दोहा*बरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।।*चौपाई*वह फुहार वह साथ…See More
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Profile IconShyamsundar Chatterjee , Alamseti ajita kumar and Dr. Mohd Israr joined Open Books Online
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"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत रचना की सारगर्भित समीक्षा कर आपने मेरे सृजन कार्य को सार्थकता…"
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Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"संसार का मंच एक गंभीर विषय है. तदनुरूप आपका प्रयास श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी.  कई…"
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Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
Friday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"आदरणीय  अशोक रक्ताले जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय…"
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Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
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Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
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