For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Discussions (5,288)

Discussions Replied To (4411) Replies Latest Activity

"बेतरीन दोहों में बेटी का दर्द और स्थिति बयां करने के लिए हार्दिक बधाई स्वीकारें  आ०…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Jun 13, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 44

743 Jun 15, 2014
Reply by जितेन्द्र पस्टारिया

"आ० भाई अखंड गहमरी जी , समाज और व्यवस्थ के कुरूप चेहरे को सही उजागर किया , हार्दिक बध…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Jun 13, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 44

743 Jun 15, 2014
Reply by जितेन्द्र पस्टारिया

"समाज के दोगलेपन पर अच्छी चोट की है आदरणीय राजेश बहन , लगते हैं दावे खोखले ये भ्रूण ह…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Jun 13, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 44

743 Jun 15, 2014
Reply by जितेन्द्र पस्टारिया

"सुन्दर , हार्दिक बधाई"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Jun 13, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 44

743 Jun 15, 2014
Reply by जितेन्द्र पस्टारिया

"रचना की  प्रशंसा के लिए हार्दिक धन्यवाद आ०  राजेश  बहन "

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Jun 13, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 44

743 Jun 15, 2014
Reply by जितेन्द्र पस्टारिया

"यह रचना आप सभी के स्नेह का प्रतिफल है , प्रशंसा के लिए हार्दिक धन्यवाद"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Jun 13, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 44

743 Jun 15, 2014
Reply by जितेन्द्र पस्टारिया

"आदरणीय भाई गिरिराज जी एक बेहतरीन रचन के लिए हार्दिक बधाई . बेटियों की दुर्दशा के लिए…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Jun 13, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 44

743 Jun 15, 2014
Reply by जितेन्द्र पस्टारिया

"आदरणीय कल्पना बहन आपने सच ही कहा बेटियों को तो खुद ही पटवार थामनी है एक अच्छी रचना क…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Jun 13, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 44

743 Jun 15, 2014
Reply by जितेन्द्र पस्टारिया

"बहुत खूब गुमनाम भाई ."

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Jun 13, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 44

743 Jun 15, 2014
Reply by जितेन्द्र पस्टारिया

"बेटियाँ - गजल ***************खल रही हैं घर-समाजों को सदा से बेटियाँजबकि सबको ही बचात…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Jun 13, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 44

743 Jun 15, 2014
Reply by जितेन्द्र पस्टारिया

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Jaihind Raipuri posted a blog post
44 minutes ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।निभा रहे संबंध सब , जैसे हो दस्तूर…See More
44 minutes ago
Jaihind Raipuri commented on Admin's group आंचलिक साहित्य
"कुंडलिया छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ी ह भाखा, सरल ऐकर बिधान सहजता से बोल सके, लइका अऊ सियान लइका अऊ…"
45 minutes ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
21 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

तब मनुज देवता हो गया जान लो,- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२१२/२१२/२१२/२१२**अर्थ जो प्रेम का पढ़ सके आदमीएक उन्नत समय गढ़ सके आदमी।१।*आदमीयत जहाँ खूब महफूज होएक…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहै हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।निभा रहे संबंध सब , जैसे हो दस्तूर…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन व आभार।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई रवि जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और सुंदर सुझाव के लिए हार्दिक आभार।"
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"बेशक। सच कहा आपने।"
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"मेरा प्रयास आपको अच्छा और प्रेरक लगा। हार्दिक धन्यवाद हौसला अफ़ज़ाई हेतु आदरणीय मनन कुमार सिंह जी।"
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"आदाब।‌ नववर्ष की पहली गोष्ठी में मेरी रचना पर आपकी और जनाब मनन कुमार सिंह जी की टिप्पणियों और…"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service