For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Sheikh Shahzad Usmani's Discussions (5,135)

Discussions Replied To (4469) Replies Latest Activity

"संदेशप्रद हास्य रचना में विधवा विवाह या विधवा उद्धार की मनोकामना, व्यंग्य/कटाक्ष की…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Dec 11, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-62

538 Dec 12, 2015
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"सबसे पहले तो चयनित उम्दा उत्कृष्ट भाव के लिए हृदयतल से बहुत बहुत बधाई आपको आदरणीया क…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Dec 11, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-62

538 Dec 12, 2015
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"सार छंद आधारित/छन्न पकैया रचना मंच पर मुझे दूसरी बार बेहतरीन प्रस्तुति के रूप में मि…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Dec 11, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-62

538 Dec 12, 2015
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"//घोर अँधेरा तब न डराता रोज़ एक सवेरा सामने आता एक नयी पहल हो जाती बात अपनी कुछ बन ही…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Dec 11, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-62

538 Dec 12, 2015
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"कथनी और करनी में अन्तर स्पष्ट करती हुई प्रस्तुति के लिए बहुत बहुत बधाई आपको आदरणीय प…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Dec 11, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-62

538 Dec 12, 2015
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"वाह बहुत खूब... बस , आप पहल कीजिये ऊल जलूल सी सहीं बाक़ी प्रचार तंत्र और मीडिया पर छ…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Dec 11, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-62

538 Dec 12, 2015
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"कुछ नया करने/मसाइल से जूझने से लेकर हवा का आसरा मिलने और फिर मंज़िल मिलने की बात कहत…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Dec 11, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-62

538 Dec 12, 2015
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"[1] 'पहल और दख़ल' - [कविता] किस की पहल, कैसी पहल ? कभी बनता-संवरता, कभी लुटता-मिटता…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Dec 11, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-62

538 Dec 12, 2015
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"आदरणीय श्री सौरभ पाण्डेय जी के जन्मदिन की वर्षगाँठ पर हृदयतल से बहुत बहुत बधाई और शु…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Dec 3, 2015 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

प्रधान संपादक

"लघुकथा गोष्ठी की निरंतर उत्तरोत्तर प्रगति को एक बार पुनः प्रमाणित करते इस संकलन के ल…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Dec 3, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-8 में स्वीकृत रचनाएँ

16 Dec 3, 2015
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin posted a discussion

ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा

साथियों,विगत कई माह से ओ बी ओ लाइव आयोजनों में कतिपय कारणवश सदस्यों की भागीदारी बहुत ही कम हो रही…See More
17 minutes ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय  अखिलेश जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी । सहमत एवं संशोधित "
7 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय सुशीलजी हार्दिक बधाई। लगातार बढ़िया दोहा सप्तक लिख रहें हैं। घूस खोरी ....... यह …"
9 hours ago
Jaihind Raipuri posted a blog post

वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं

ग़ज़ल 2122  1212  22वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैकितने दुःख दर्द से भरा दिल हैये मेरा क्यूँ हुआ है…See More
Thursday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । हार्दिक आभार आदरणीय । फागोत्सव…"
Mar 4
Nilesh Shevgaonkar and Dayaram Methani are now friends
Mar 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212   22 वो समझते हैं मस्ख़रा दिल है कितने दुःख दर्द से भरा दिल…"
Mar 3
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Mar 3
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

माना कि रंग भाते न फिर भी अगर पड़े -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२***पीछे गयी  है  छूट  जो  होली  गुलाल की साजिश है इसमें देख सियासी कपाल की।१। *…See More
Mar 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"जय-जय सादर"
Feb 28
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"बेटा,  व्तक्तिवाची नहीं"
Feb 28

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"  आदरणीय दयाराम जी, रचनाकार का काम रचनाएँ प्रस्तुत करना है। पाठक-श्रोता-समीक्षक रचनओं में अपनी…"
Feb 28

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service