For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Discussions (5,288)

Discussions Replied To (4411) Replies Latest Activity

"किसी के प्यार में क्यों दिल को बेकरार करें,वफा न कर सके वो हम क्यों जां निसार करें।…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Jan 31, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-55

567 Jan 31, 2015
Reply by MAHIMA SHREE

"आ0  भाई हरजीत जी, बहुत ही खुबसूरत ग़ज़ल कही है..सादर बधाई l"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Jan 31, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-55

567 Jan 31, 2015
Reply by MAHIMA SHREE

"चमन में शूल तो बेशक सुमन से प्यार करे हवा  ही  पर  न  हवाओं  का  एतबार  करे जो शख्स…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Jan 31, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-55

567 Jan 31, 2015
Reply by MAHIMA SHREE

"आदरणीय भाई गणेश जी चारों शब्द-चित्र बढ़िया उकेरे हैं ....  मन को छू गए.....हार्दिक बध…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Jan 17, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-51(Now Closed with 1020 Replies)

1020 Jan 17, 2015
Reply by Ashok Kumar Raktale

"अति सुन्दर अभिव्यक्ति, आ० गिरिराज भंडारी जी, हार्दिक बधाई स्वीकारें।"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Jan 17, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-51(Now Closed with 1020 Replies)

1020 Jan 17, 2015
Reply by Ashok Kumar Raktale

"आदरणीय अखिलेश भाई जी,सामाजिक घटनाओं और सूचनाओं की कड़ी के माध्यम से अच्छे दिनों की  …"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Jan 17, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-51(Now Closed with 1020 Replies)

1020 Jan 17, 2015
Reply by Ashok Kumar Raktale

"आ0 भाई मिथिलेश जी एक बेहतरीन ग़ज़ल से इस आयोजन का शुभारंभ करने के लिए हार्दिक बधाई ."

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Jan 17, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-51(Now Closed with 1020 Replies)

1020 Jan 17, 2015
Reply by Ashok Kumar Raktale

"गजलशोर है अच्छे दिनों का फिर गली चैपाल मेंखीर, पूड़ी और हलुवा, फिर सजेगा थाल में /1…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Jan 16, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-51(Now Closed with 1020 Replies)

1020 Jan 17, 2015
Reply by Ashok Kumar Raktale

"सही कहा आपने भाई बागी जी ."

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Dec 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 54

597 Dec 27, 2014
Reply by शिज्जु "शकूर"

"आ०  भाई हरजीत जी इस बेहतरीन ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाई . मुशायरे के नियमों का ध्यान अवश…"

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied Dec 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 54

597 Dec 27, 2014
Reply by शिज्जु "शकूर"

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

तब मनुज देवता हो गया जान लो,- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२१२/२१२/२१२/२१२**अर्थ जो प्रेम का पढ़ सके आदमीएक उन्नत समय गढ़ सके आदमी।१।*आदमीयत जहाँ खूब महफूज होएक…See More
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहै हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
7 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।संबंधों को निभा रहे, जैसे हो दस्तूर…See More
21 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन व आभार।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई रवि जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और सुंदर सुझाव के लिए हार्दिक आभार।"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"बेशक। सच कहा आपने।"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"मेरा प्रयास आपको अच्छा और प्रेरक लगा। हार्दिक धन्यवाद हौसला अफ़ज़ाई हेतु आदरणीय मनन कुमार सिंह जी।"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"आदाब।‌ नववर्ष की पहली गोष्ठी में मेरी रचना पर आपकी और जनाब मनन कुमार सिंह जी की टिप्पणियों और…"
yesterday
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"प्रेरक रचना।मार्ग दिखाती हुई भी। आज के समय की सच्चाई उजागर करती हुई। बधाइयाँ लीजिये, आदरणीय उस्मानी…"
yesterday
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"दिली आभार आदरणीया प्रतिभा जी। "
yesterday
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"हार्दिक आभार आदरणीय उस्मानी जी। "
yesterday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"आजकल खूब हो रहा है ये चलन और कभी कभी विवाद भी। आपकी चिरपरिचित शैली में विचारोत्तेजक लघुकथा। बधाई…"
yesterday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service