For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Sheikh Shahzad Usmani's Discussions (5,155)

Discussions Replied To (4486) Replies Latest Activity

"आज के समाज का एक अहम मसले पर कटाक्ष करती रचना के लिए बहुत बहुत बधाई आपको आदरणीय विजय…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Dec 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-9 (विषय: आकांक्षा)

1218 Jan 1, 2016
Reply by नयना(आरती)कानिटकर

"एक बिलकुल अलग विषय पर स्वार्थ और स्नेह के बीच द्वंद को दर्शाती हुई बढ़िया प्रस्तुति…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Dec 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-9 (विषय: आकांक्षा)

1218 Jan 1, 2016
Reply by नयना(आरती)कानिटकर

"चंद मिनटों में ही रचना पर उपस्थित हो कर प्रोत्साहित करने के लिए बहुत बहुत हार्दिक धन…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Dec 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-9 (विषय: आकांक्षा)

1218 Jan 1, 2016
Reply by नयना(आरती)कानिटकर

""सिपहसलार" - (लघुकथा) बीज अंकुरित हो चुका था। आस- पास मौजूद कुछ एक पेड़ों की जड़ें…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Dec 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-9 (विषय: आकांक्षा)

1218 Jan 1, 2016
Reply by नयना(आरती)कानिटकर

"पुनः रचना पर उपस्थित हो कर शे'र उद्धृत करते हुए ग़ज़ल की तारीफ़ करने व मेरी स्नेहिल…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Dec 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-66

700 Dec 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"ग़ज़ल के अभ्यास प्रयास को अनुमोदित कर मुझे स्नेहिल प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए हृद…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Dec 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-66

700 Dec 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आपकी प्रतिक्रिया पढ़कर अपनी लेखनी पर विश्वास बढ़ रहा है । समय देकर प्रोत्साहित करने…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Dec 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-66

700 Dec 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आप वरिष्ठजन के इस आशीर्वाद से बहुत अभिभूत हूँ । तहे दिल बहुत बहुत शुक्रिया जनाब डॉ ग…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Dec 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-66

700 Dec 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आपके सान्निध्य में बिलकुल संभव है कि लिखना सीख ही जाऊँगा । रचना पर उपस्थित हो कर प्र…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Dec 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-66

700 Dec 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"//तमाम उम्र झुका ना कहीं भी जो आदम, उसे ही खौफ सताता है आज मरने का//.....वाााह //समझ…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Dec 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-66

700 Dec 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale posted a blog post

चौपाइयाँ

*दोहा*बरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।।*चौपाई*वह फुहार वह साथ…See More
Tuesday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"  आदरणीय चेतन प्रकाश साहब सादर नमस्कार, यही तो मुख्य है विषय है इस रचना का. नदी नहीं उफ़नाई है.…"
Tuesday
Chetan Prakash commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय,  अशोक  रक्ताले साहब, नमस्कार  !  लेकिन  यह कैसी "रिमझिम…"
Tuesday
Profile IconShyamsundar Chatterjee , Alamseti ajita kumar and Dr. Mohd Israr joined Open Books Online
Tuesday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत रचना की सारगर्भित समीक्षा कर आपने मेरे सृजन कार्य को सार्थकता…"
Saturday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"परम आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम - सर सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"वायव्य दशा के प्रस्तुतीकरण के क्रम में बना विश्वास प्रस्तुति की शाब्दिकता को स्थापित करता हुआ सफल…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"संसार का मंच एक गंभीर विषय है. तदनुरूप आपका प्रयास श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी.  कई…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
Jul 10
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"आदरणीय  अशोक रक्ताले जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय…"
Jul 9
Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
Jul 5
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"अभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।.....सच है अभिनय जीवन की…"
Jul 5

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service