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Rana Pratap Singh's Discussions (2,359)

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"मुहतरमा अंजलि साहिबा खूबसूरत शेर कहे हैं , मेरी तरफ से ढेर सारी दाद और मुबारकबाद कबू…"

Rana Pratap Singh replied Apr 27, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106

277 Apr 28, 2019
Reply by SALIM RAZA REWA

"आप सही कहते हैं शर्त-ए-आखिर होता है आखिरी नहीं , जिस तरह हर्फ़-ए-आखिर, शर्त-ए-अव्वल भ…"

Rana Pratap Singh replied Apr 27, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106

277 Apr 28, 2019
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"मुहतरम अनीस शेख साहब गज़ल पर उम्दा प्रयास हुआ है जिसके लिए आप बधाई के पात्र हैं, आपके…"

Rana Pratap Singh replied Apr 27, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106

277 Apr 28, 2019
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"आदरणीय मनीष तन्हा साहब गज़ल पर उम्दा प्रयास हुआ है, थोड़ा और समय देने से शेर और भी निख…"

Rana Pratap Singh replied Apr 27, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106

277 Apr 28, 2019
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"मुहतरम मनन कुमार सिंह साहब, गज़ल पर प्रयास अच्छा हुआ है, थोड़ा और समय चाहिए, मिसरों मे…"

Rana Pratap Singh replied Apr 27, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106

277 Apr 28, 2019
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"आदरणीय सलीम रज़ा साहब ॥ बेहतरीन अशार कहे हैं, दूसरा शेर और मकता बहुत पसंद आया| ढेर सा…"

Rana Pratap Singh replied Apr 27, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106

277 Apr 28, 2019
Reply by SALIM RAZA REWA

"मुहतरम तसदीक़ अहमद साहब , उम्दा अशार से सजी गज़ल के लिए ढेर सारी दाद कबूल कीजिये|"

Rana Pratap Singh replied Apr 27, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106

277 Apr 28, 2019
Reply by SALIM RAZA REWA

"मुहतरम नादिर खान साहब उम्दा अशार कहे हैं| ढेर सारी दाद कबूल कीजिये|"

Rana Pratap Singh replied Apr 27, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106

277 Apr 28, 2019
Reply by SALIM RAZA REWA

"आदरणीय तसदीक़ अहमद साहब, माजरत के साथ कहना चाहूँगा की ये बहर मुश्किल तो कतई नहीं है अ…"

Rana Pratap Singh replied Apr 27, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106

277 Apr 28, 2019
Reply by SALIM RAZA REWA

"आदरणीय नवीन मणि त्रिपाठी जी खूबसूरत शेर कहे हैं जिसके लिए बधाई स्वीकार करें| समर साह…"

Rana Pratap Singh replied Apr 27, 2019 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-106

277 Apr 28, 2019
Reply by SALIM RAZA REWA

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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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Sushil Sarna posted a blog post

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Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
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