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rajesh kumari's Discussions (9,804)

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"है शाद दिल ये बहुत पास पर सुबू ही नहींबगै़र मय के रगों में लगे लहू ही नहीं.----जी जम…"

rajesh kumari replied Aug 22, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

"बहुत सुन्दर ग़ज़ल हुई है आ० नादिर जी  बहुत मिला है खुदा से बस एक तेरे सिवा खुदा का शुक…"

rajesh kumari replied Aug 22, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

"तहे दिल से शुक्रिया प्रिय प्राची जी ."

rajesh kumari replied Aug 22, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

"आपको ग़ज़ल पसंद आई बहुत- बहुत शुक्रिया आ० नादिर खान जी. "

rajesh kumari replied Aug 22, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

"नजर मिली है मगर कोई गुफ्तगू ही नही ।यही लगा हमें मिलने की आरजू ही नहीं ।---वाह्ह्ह  …"

rajesh kumari replied Aug 22, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

"जहां में मोह व माया सा तो अदू ही नहीं। इसीलिए तो खुदा होता रूबरू ही नहीं।-----बहुत ख…"

rajesh kumari replied Aug 22, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

"इस उत्साह वर्धन के लिए बहुत- बहुत  आभार आ० कांता रॉय जी,आपको ग़ज़ल पसंद आई मेरा लिखना…"

rajesh kumari replied Aug 22, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

"आ० गिरिराज जी, आपको ग़ज़ल पसंद आई उसके लिए दिल से शुक्रगुजार हूँ बहुत बहुत आभार | "

rajesh kumari replied Aug 22, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

"आशुतोष जी आरज़ू में तो नुक्ता होना ही चाहिए जुस्तजू में नहीं तभी काफिया ऊ पर टिकेगा .…"

rajesh kumari replied Aug 22, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

"आ० समर भाई जी ,आपका हर शेर प्रभावित करता है किसी एक शेर की बात क्या करूँ पूरी ग़ज़ल ही…"

rajesh kumari replied Aug 22, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

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Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
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