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pratibha pande's Discussions (4,659)

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प्रधान संपादक

" ' समीकरण ' . बड़े से पांडाल की गहमागहमी में वो असहज महसूस कर रही थी Iनेतानुमा लोग बड़…"

pratibha pande replied Oct 30, 2015 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-7 (विषय: शतरंज)

1332 Nov 1, 2015
Reply by Saurabh Pandey

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीया प्राची जी , संकलन में मेरी रचना के प्रस्तुतीकरण में संशोधन चाहती हूँ ,  जिस…"

pratibha pande replied Oct 21, 2015 to ओबीओ लाइव महोत्सव अंक 60 की सभी रचनाओं का संकलन

14 Oct 21, 2015
Reply by pratibha pande

"आपको जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएँ आदरणीया प्राची जी "

pratibha pande replied Oct 16, 2015 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आपकी रचना को मिले इस सम्मान के लिए आपको हार्दिक बधाई आदरणीय उस्मानी जी "

pratibha pande replied Oct 16, 2015 to रचनाओं को सम्मानित करने की एक अनूठी पहल @ महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना ( Best Creation of the Month )

871 Oct 14, 2023
Reply by rohit mitro

"रचना के मर्म की सराहना के लिए आपका ह्रदय से आभार आदरणीया डॉ प्राची सिंह जी "

pratibha pande replied Oct 10, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-60

280 Oct 11, 2015
Reply by नादिर ख़ान

"मन के हो तुम काले सचमुच कृष्ण आस भरी वह राधा मरी सतृष्ण.......गहन ,मोहित करती पंक्ति…"

pratibha pande replied Oct 10, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-60

280 Oct 11, 2015
Reply by नादिर ख़ान

"नियत समय परलहराएगा विशाल वृक्षऔर, तमाम नन्हे और पौधेउसी की बदौलत.......वाह ,प्रदत्त…"

pratibha pande replied Oct 10, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-60

280 Oct 11, 2015
Reply by नादिर ख़ान

"उम्मीदों के जल सेरोज सींचा करती थीरोज आँखों सेनापती थी उसकोटक टकी लगा कररोज सोचा करत…"

pratibha pande replied Oct 10, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-60

280 Oct 11, 2015
Reply by नादिर ख़ान

"आपके उत्साह वर्धन के लिए हृदयतल से आभार प्रेषित करती हूँ आदरणीय अशोक रक्ताले जी "

pratibha pande replied Oct 10, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-60

280 Oct 11, 2015
Reply by नादिर ख़ान

"कब उम्मीदों के ढलान पर ज़िंदगी साँसों से हार जाती है न जिस्म रह पाता है न रूह साथ निभ…"

pratibha pande replied Oct 10, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-60

280 Oct 11, 2015
Reply by नादिर ख़ान

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  हरि नाम लो हरि नाम लो हरि, नाम लो  हरि नाम लो।यह नाम  ही  है  सत्य  मानव,  भोर लो नित शाम…See More
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दोहा पंचक. . . . . शोखीशोख उमर की शोखियाँ, चंचल दृग संकेत ।भीगा यौवन मद भरा, दिल को करे अचेत…See More
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