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अरुण कुमार निगम's Discussions (3,693)

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"यूँ तो कितने दोस्त मिले मकसद न हुआ हल कोई भी l बात समझ में आई तब जब पापा ने समझाई है…"

अरुण कुमार निगम replied Jun 30, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २४ (Now Closed)

862 Jul 1, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"ना हम समझे ना वो जाने दिल में है कितना प्यार भरा,साँसे भी अब यूं चलती हैं बजती जैसे…"

अरुण कुमार निगम replied Jun 30, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २४ (Now Closed)

862 Jul 1, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"महंगाई की थाह नहीं है जाने कितना जायेगी पूछे कौन समुद्र से तुझमें कितनी गहराई है....…"

अरुण कुमार निगम replied Jun 30, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २४ (Now Closed)

862 Jul 1, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"देवदत्त -सिद्धार्थ जहां भी आपस में टकराएँ हैं, वो सच्चा हकदार बना है,जिसने जान बचाई…"

अरुण कुमार निगम replied Jun 30, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २४ (Now Closed)

862 Jul 1, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"गम आँसू आहें बेचैनी कुछ भी तो अब पास नहीं बिन गहनों के भी कितनी अच्छी लगती तन्हाई है…"

अरुण कुमार निगम replied Jun 30, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २४ (Now Closed)

862 Jul 1, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"याद का ग़ुन्चा अश्क का पानी पीकर दर्द का फूल बना दिल की ख़ुशबू तुम क्या जानो, ये लाला…"

अरुण कुमार निगम replied Jun 30, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २४ (Now Closed)

862 Jul 1, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"लमहे को अफसाना बनते, ज्यादा देर नहीं लगती, पर उस बीच में जो बीता, वो वक़्त बड़ा हरजा…"

अरुण कुमार निगम replied Jun 30, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २४ (Now Closed)

862 Jul 1, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"तरही मुशायरा में मेरी दूसरी गज़ल................... पंचों की बैठक बुलवा कर, क्यों शाम…"

अरुण कुमार निगम replied Jun 30, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २४ (Now Closed)

862 Jul 1, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"महल तो है पर सपनों का है, घोड़े हैं पर ख़्वाबों के चन्द तालियाँ, वाहवाहियां, अपनी असल…"

अरुण कुमार निगम replied Jun 30, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २४ (Now Closed)

862 Jul 1, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"राजा जी की आज सवारी  ,  जरा देर से आई है चारों मूड़ा मंगल ध्वनियाँ, गूंज उठी शहनाई है…"

अरुण कुमार निगम replied Jun 30, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २४ (Now Closed)

862 Jul 1, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

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