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Sushil Sarna's Discussions (1,416)

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"होली है .... कहीं रंग है कहीं भंग है बजता कहीं चंग मृदंग है नैनों में नहीं हया कहीं…"

Sushil Sarna replied Mar 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-77 (होली विशेषांक)

759 Mar 11, 2017
Reply by Ashok Kumar Raktale

"आद.    pratibha pande जी आपकी शुभकामनाओं का तहे दिल से शुक्रिया। "

Sushil Sarna replied Mar 7, 2017 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आदरणीय   Mahendra Kumar  जी आपकी शुभकामनाओं का तहे दिल से शुक्रिया। "

Sushil Sarna replied Mar 5, 2017 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आ.   Kalpana Bhatt  जी आपकी शुभकामनाओं का तहे दिल से शुक्रिया। "

Sushil Sarna replied Mar 5, 2017 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आदरणीय   Vijay Nikore   जी आपकी शुभकामनाओं का तहे दिल से शुक्रिया। "

Sushil Sarna replied Mar 5, 2017 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आदरणीय   Dr.Ashutosh Mishra   जी आपकी शुभकामनाओं का तहे दिल से शुक्रिया। "

Sushil Sarna replied Mar 5, 2017 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आ. Rajesh Kumari       जी आपकी शुभकामनाओं का तहे दिल से शुक्रिया। "

Sushil Sarna replied Mar 5, 2017 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आदरणीय   Saurabh Pandey   जी आपकी शुभकामनाओं का तहे दिल से शुक्रिया। "

Sushil Sarna replied Mar 4, 2017 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आदरणीय  Satyanarayan Singh   जी आपकी शुभकामनाओं का तहे दिल से शुक्रिया। "

Sushil Sarna replied Mar 3, 2017 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"दोस्तों आज 03.03 . 2017 को अपनी विवाह की वर्षगाँठ पर अपने हमसफ़र को समर्पित भाव सुमन…"

Sushil Sarna replied Mar 3, 2017 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

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"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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