For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Dr.Prachi Singh's Discussions (3,905)

Discussions Replied To (2539) Replies Latest Activity

"यथा संशोधित "

Dr.Prachi Singh replied Oct 11, 2013 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 36 (Now closed with 966 Replies)

966 Oct 13, 2013
Reply by जितेन्द्र पस्टारिया

"आदरणीय लक्ष्मण प्रसाद जी विषय अनुरूप सुन्दर कथ्य कुण्डलिया छंदों का. छंदों में मात्…"

Dr.Prachi Singh replied Oct 11, 2013 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 36 (Now closed with 966 Replies)

966 Oct 13, 2013
Reply by जितेन्द्र पस्टारिया

"आदरणीय सौरभ जी, बहुत सुन्दर नवगीत का सृजन किया है....  पंक्ति पंक्ति पटल पर एक शब्द…"

Dr.Prachi Singh replied Oct 11, 2013 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 36 (Now closed with 966 Replies)

966 Oct 13, 2013
Reply by जितेन्द्र पस्टारिया

"आदरणीया राजेश कुमारी जी  महोत्सव का शुभारम्भ इतने खूबसूरत दुर्मिल सवैये से करने के ल…"

Dr.Prachi Singh replied Oct 11, 2013 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 36 (Now closed with 966 Replies)

966 Oct 13, 2013
Reply by जितेन्द्र पस्टारिया

"आदरणीय गिरिराज भंडारी जी  विगत माह का सर्वाधिक सक्रिय सदस्य चयनित होने पर आपको बहुत…"

Dr.Prachi Singh replied Oct 1, 2013 to एक घोषणा:-महीने का सक्रिय सदस्य (Active Member of the Month)

1065 Dec 3, 2016
Reply by सुरेश कुमार 'कल्याण'

"सितम ढायेंगे काली रात के  लम्हे  न जाने क्या परिन्दो लौट जाओ घोंसलों को शाम से पहले…"

Dr.Prachi Singh replied Sep 29, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-39 (Now closed)

1230 Sep 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीय प्रधान सम्पादक महोदय  आपकी ग़ज़ल मुशायरे में देख बहुत अच्छा लग रहा है...  धन्य…"

Dr.Prachi Singh replied Sep 29, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-39 (Now closed)

1230 Sep 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीया राजेश कुमारी जी  बहुत शानदार ग़ज़ल हुई है .. जफ़ा करके समझते हो तुम्हारा कुछ…"

Dr.Prachi Singh replied Sep 29, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-39 (Now closed)

1230 Sep 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीय बृजेश जी  बहुत सुन्दर ग़ज़ल कही है  सितम हर एक सह लेंगे मगर तुम याद ये रखना ‘…"

Dr.Prachi Singh replied Sep 29, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-39 (Now closed)

1230 Sep 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"बहुत पसंद आयी आपकी ग़ज़ल आ० आशीष नैथानी 'सलिल' जी  हार्दिक शुभकामनाएं "

Dr.Prachi Singh replied Sep 29, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-39 (Now closed)

1230 Sep 29, 2013
Reply by Saurabh Pandey

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
yesterday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 6
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service