For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Sushil Sarna's Discussions (1,416)

Discussions Replied To (1180) Replies Latest Activity

"हो गया गुम हजार शब्दों मेंकैसे ढूँढूं मैं प्यार शब्दों में रंग बदलें वो गिरगिटों की…"

Sushil Sarna replied Aug 12, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-82

647 Aug 12, 2017
Reply by satish mapatpuri

"प्रदत विषय पर आपके सुंदर और सार्थक हाइकु के लिए हार्दिक बधाई आदरणीया जी। "

Sushil Sarna replied Aug 12, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-82

647 Aug 12, 2017
Reply by satish mapatpuri

"वाह अनुपम,अप्रतिम सृजन सर  ... शब्द भाव के अथाह सागर को आप ने अपने इस सृजन में अद्भु…"

Sushil Sarna replied Aug 12, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-82

647 Aug 12, 2017
Reply by satish mapatpuri

"शब्द पर कुछ त्वरित दोहे : कहीं शब्द में नीर है, कहीं शब्द में पीर। शब्द में है छुपी…"

Sushil Sarna replied Aug 12, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-82

647 Aug 12, 2017
Reply by satish mapatpuri

"आदरणीय समर कबीर साहिब आपको सपरिवार ईद मुबारक़।  अल्लाह आपकी जीवन और परिवार को खुशियां…"

Sushil Sarna replied Jun 27, 2017 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आदरणीय     laxman dhami   जी भावों को मान देने का हार्दिक आभार सर।"

Sushil Sarna replied Jun 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-80

257 Jun 10, 2017
Reply by Tasdiq Ahmed Khan

"आदरणीय     Mahendra Kumar   जी भावों को मान देने का हार्दिक आभार सर।"

Sushil Sarna replied Jun 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-80

257 Jun 10, 2017
Reply by Tasdiq Ahmed Khan

"आदरणीय योगराज प्रभाकर जी भावों को मान देने का हार्दिक आभार सर।"

Sushil Sarna replied Jun 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-80

257 Jun 10, 2017
Reply by Tasdiq Ahmed Khan

"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी भावों को मान देने का हार्दिक आभार सर।"

Sushil Sarna replied Jun 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-80

257 Jun 10, 2017
Reply by Tasdiq Ahmed Khan

"आदरणीय सतविन्द्र कुमार जी भावों को मान देने का हार्दिक आभार सर।"

Sushil Sarna replied Jun 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-80

257 Jun 10, 2017
Reply by Tasdiq Ahmed Khan

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
22 hours ago
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
22 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service