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अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव's Discussions (5,004)

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"आदरणीय लक्ष्मण धामीजी परेशाँ तम  से तो हैं पर नहीं इतना कि मर जाए लिखी हिस्से में अप…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Mar 11, 2016 to "ओ.बी.ओ. लाइव महा उत्सव" अंक-65

997 Mar 13, 2016
Reply by नयना(आरती)कानिटकर

"आदरणीया प्रतिभाजी // साजिशों में आज कौन रंग यहाँ भर रहा किसके हाथों डोर है कौन यहाँ…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Mar 11, 2016 to "ओ.बी.ओ. लाइव महा उत्सव" अंक-65

997 Mar 13, 2016
Reply by नयना(आरती)कानिटकर

"आदरणीय समर भाईजी प्रकृति प्रदत्त यह नरम गरम धूप मानव की परीक्षा लेती है। कभी निराश क…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Mar 11, 2016 to "ओ.बी.ओ. लाइव महा उत्सव" अंक-65

997 Mar 13, 2016
Reply by नयना(आरती)कानिटकर

"प्रिय गिरिराज मानव की तीन प्रमुख अवस्थाओं से प्राकृतिक धूप की तुलना सही प्रतीत हो रह…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Mar 11, 2016 to "ओ.बी.ओ. लाइव महा उत्सव" अंक-65

997 Mar 13, 2016
Reply by नयना(आरती)कानिटकर

"आदरणीय गणेश भाईजी जब कीड़े मकोड़े बाहर भागे, देश भी नींद से जाग गया। भूत छुपा था सियास…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Mar 11, 2016 to "ओ.बी.ओ. लाइव महा उत्सव" अंक-65

997 Mar 13, 2016
Reply by नयना(आरती)कानिटकर

"कुकुभ छंद – प्रथम प्रस्तुति =================  पंछी चहके डाली डाली, लाल सूर्य मन को…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Mar 11, 2016 to "ओ.बी.ओ. लाइव महा उत्सव" अंक-65

997 Mar 13, 2016
Reply by नयना(आरती)कानिटकर

सदस्य कार्यकारिणी

"महा उत्सव अंक ६४ के सफल आयोजन एवं संकलन के लिए हार्दिक बधाई।  27रचनाकारों की भागीदार…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Feb 14, 2016 to ओ बी ओ लाइव महा उत्सव अंक-64 की संकलित समस्त रचनाएँ

43 Feb 21, 2016
Reply by सतविन्द्र कुमार राणा

"आदरणीय अशोक भाईजी, दोहे की प्रशंसा के लिए हृदय से धन्यवाद, आभार । कुहरा  सहीहै .....…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Feb 13, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64

854 Feb 13, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय गोपाल भाईजी, दोहे की प्रशंसा के लिए हृदय से धन्यवाद, आभार । स्वर्ग वासी लाखों…"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Feb 13, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64

854 Feb 13, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय सुशील भाईजी दोहे की प्रशंसा के लिए हृदय से धन्यवाद, आभार ।"

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied Feb 13, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-64

854 Feb 13, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

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दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूसबिना कमीशन आजकल, कब होता है काम ।कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।।घास घूस…See More
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Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . प्यार

दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
Sunday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
Sunday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Sunday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
Feb 14
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
Feb 14
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
Feb 14
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
Feb 14

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