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Sushil Sarna's Discussions (1,416)

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"सूरज ,उदास हो गया ... पेड़ सवयं सहते रहे धूपमगर अपनी छाया से धरा को जलने न दिया देख…"

Sushil Sarna replied Oct 13, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-84

610 Oct 14, 2017
Reply by सतविन्द्र कुमार राणा

"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी आपको जनम दिन की ढेरों बधाईयां एवं शुभकामनाएं. "

Sushil Sarna replied Oct 11, 2017 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आदरणीय सौरभ सर , योगराज सर, समर कबीर साहिब , एवं सम्पूर्ण ओ बी ओ मंच को विजयदशमी की…"

Sushil Sarna replied Sep 30, 2017 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह जी आपको जनम दिन की ढेरों बधाईयां एवं शुभकामनाएं। प्रभु आपक…"

Sushil Sarna replied Sep 28, 2017 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आदरणीय मो.आरिफ साहिब , आदाब ये अत्यंत हर्ष का विषय है कि आपने न केवल ओ बी ओ मंच बल्क…"

Sushil Sarna replied Sep 28, 2017 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आदरणीय समर कबीर साहिब आदाब , सृजन पर आपकी समीक्षात्मक प्रशंसा का दिल से आभार। सुझाये…"

Sushil Sarna replied Aug 12, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-82

647 Aug 12, 2017
Reply by satish mapatpuri

"आदरणीय अखिलेश जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार। संशोधन के लिए संकलन के सम…"

Sushil Sarna replied Aug 12, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-82

647 Aug 12, 2017
Reply by satish mapatpuri

"बनाओ मत कोई पर्वत कभी विकराल शब्दों कान ही व्यवहार में खोदो कि गहरा ताल शब्दों का ।1…"

Sushil Sarna replied Aug 12, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-82

647 Aug 12, 2017
Reply by satish mapatpuri

"जब साकारनिराकार कोव्याख्यायितकरने लगे तो"ब्रह्म "बन जाता है शब्द । वाह आदरणीय मो.आरि…"

Sushil Sarna replied Aug 12, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-82

647 Aug 12, 2017
Reply by satish mapatpuri

"उसी समय हासिल होता है, हर भाषा का ज्ञान ।जिस दम हो जाती है अपनी, शब्दों से पहचान ।।…"

Sushil Sarna replied Aug 12, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-82

647 Aug 12, 2017
Reply by satish mapatpuri

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आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
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घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
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"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
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