For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Harjeet Singh Khalsa's Discussions (198)

Discussions Replied To (197) Replies Latest Activity

"तुमसे मिलकर बहकने लगता हूँ सच बताना कि बेखुदी हो क्या yeh mast hai ;)"

Harjeet Singh Khalsa replied Mar 29, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-45 (Now Closed)

1280 Mar 31, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"इस दफ़े वादियाँ उदास लगीं  कौन जाने उन्हें कमी हो क्या  waah ji.........."

Harjeet Singh Khalsa replied Mar 29, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-45 (Now Closed)

1280 Mar 31, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"हर तरफ अम्न चैन दिखता है जिन्दगी ख़्वाब से उठी हो क्या। Waah... "

Harjeet Singh Khalsa replied Mar 29, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-45 (Now Closed)

1280 Mar 31, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"जब मुहब्बत रौशनी होने लगीकम दिलों की तारिकी होने लगी //१// बन गए जब तुम हमारी ज़िन्दग…"

Harjeet Singh Khalsa replied Feb 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"जो नहीं था हम उसे माँगा किये, मिल गया भी तो कमी होने लगी | Waah Aadarneey.........…"

Harjeet Singh Khalsa replied Feb 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"Waah Kya ghazal hui hai................. Shandaar"

Harjeet Singh Khalsa replied Feb 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"नसीब "राज" ये सबका करम से ही बनता  सुना  है रोज  वो सपने महल के देखते हैं  Sahi ekd…"

Harjeet Singh Khalsa replied Jun 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 36(Now Closed With 965 Replies)

964 Jul 1, 2013
Reply by आशीष नैथानी 'सलिल'

"Waah Harkirat Ji........... ye sher khaskar pasand aayaa........... Wajan wagairah t…"

Harjeet Singh Khalsa replied Jun 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 36(Now Closed With 965 Replies)

964 Jul 1, 2013
Reply by आशीष नैथानी 'सलिल'

"एक अदना सा प्रयास ............... उसी के रंग में हम भी आ ढल के देखते है कि साथ वक…"

Harjeet Singh Khalsa replied Jun 29, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 36(Now Closed With 965 Replies)

964 Jul 1, 2013
Reply by आशीष नैथानी 'सलिल'

"आँखे मिला के मारा, या मुस्करा के मारा, उसने मुझे दिवाना, अपना बना के मारा,   कैसे कह…"

Harjeet Singh Khalsa replied Mar 25, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" - अंक 33 (Now Closed with 624 Replies)

624 Mar 26, 2013
Reply by Saurabh Pandey

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . प्यार

दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
5 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
Saturday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
Saturday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"गजल*****करता है कौन दिल से भला दिल की बात अबबनती कहाँ है दिल की दवा दिल की बात अब।१।*इक दौर वो…"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service