For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

sanjiv verma 'salil''s Discussions (1,064)

Discussions Replied To (883) Replies Latest Activity

"बहुत खूब...बहुत खूब...शानदार और जानदार ग़ज़ल के लिए मुबारकबाद क़ुबूल फरमायें.मेरे खि़…"

sanjiv verma 'salil' replied Apr 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २२

814 May 1, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"मुक्तिका:तेरा ही जी न चाहे...संजीव 'सलिल'*आसों की बात क्या करें, साँसें उधार हैं.साक…"

sanjiv verma 'salil' replied Apr 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २२

814 May 1, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"मुक्तिका: सपने संजीव 'सलिल' * अनजाने ही देखे सपने. सपने जो हैं बिलकुल अपने. सपने मे…"

sanjiv verma 'salil' replied Apr 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १८(Now closed with 1542 replies)

1542 Apr 10, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"सपने पर केन्द्रित दो गीत हिंदी चलचित्रों से... आनंद लीजिये और जोड़िये कुछ और... १. ह…"

sanjiv verma 'salil' replied Apr 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १८(Now closed with 1542 replies)

1542 Apr 10, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"सौरभ बिन सूना लगे बगिया का हर फूल. जैसे दर्पण को करे धुंधला जमकर धूल. धुंधला जमकर धू…"

sanjiv verma 'salil' replied Apr 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १८(Now closed with 1542 replies)

1542 Apr 10, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"श्री की महिमा को कहें कौन सका अनुमान? धरम और धर्मेन्द्र भी, करें सदा गुणगान. करें सद…"

sanjiv verma 'salil' replied Apr 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १८(Now closed with 1542 replies)

1542 Apr 10, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"एक कविता सपने में अमन संजीव 'सलिल' * 'मैंने सपने में अमन देखा है' एक बच्चे ने हँस कह…"

sanjiv verma 'salil' replied Apr 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १८(Now closed with 1542 replies)

1542 Apr 10, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"दोहा सलिला:संजीव 'सलिल'*सपने देखे रात भर, भोर गये सब भूल.ज्यों सुगंध से रहित हों, सन…"

sanjiv verma 'salil' replied Apr 8, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १८(Now closed with 1542 replies)

1542 Apr 10, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"हाइकु संजीव 'सलिल' * नैन देखते अनगिन सपने मौन लिखते. * कौन बसाये सपनों की दुनिया? क…"

sanjiv verma 'salil' replied Apr 8, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १८(Now closed with 1542 replies)

1542 Apr 10, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"जब-जब सपने आयेंगे मन को हर्षाएंगे. 'हारो मत, उठ लड़ो' कहेंगे राह दिखायेंगे. सपनों को…"

sanjiv verma 'salil' replied Apr 8, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १८(Now closed with 1542 replies)

1542 Apr 10, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Jaihind Raipuri posted a blog post

वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं

ग़ज़ल 2122  1212  22वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैकितने दुःख दर्द से भरा दिल हैये मेरा क्यूँ हुआ है…See More
Thursday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । हार्दिक आभार आदरणीय । फागोत्सव…"
Wednesday
Nilesh Shevgaonkar and Dayaram Methani are now friends
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212   22 वो समझते हैं मस्ख़रा दिल है कितने दुःख दर्द से भरा दिल…"
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

माना कि रंग भाते न फिर भी अगर पड़े -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२***पीछे गयी  है  छूट  जो  होली  गुलाल की साजिश है इसमें देख सियासी कपाल की।१। *…See More
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"जय-जय सादर"
Feb 28
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"बेटा,  व्तक्तिवाची नहीं"
Feb 28

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"  आदरणीय दयाराम जी, रचनाकार का काम रचनाएँ प्रस्तुत करना है। पाठक-श्रोता-समीक्षक रचनओं में अपनी…"
Feb 28
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आदरणीय सौरभ पांडेय जी, हर रचना से एक संदेश देने का प्रयास होता है। मुझे आपकी इस लघु कथा से कोई…"
Feb 28

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"उत्साहवर्द्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी जी।  आप उन शब्दों या पंक्तियों को…"
Feb 28
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर लघुकथा हुई है। हार्दिक बधाई। एक दो जगह टंकण त्रुतियाँ रह…"
Feb 28

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service