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नादिर ख़ान's Discussions (1,566)

Discussions Replied To (1525) Replies Latest Activity

"हौसला अफ़ज़ाई का बहुत शुक्रिया।"

नादिर ख़ान replied Nov 13, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-61

567 Nov 14, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीय अशोक कुमार साहब, आपने  सार्थक टिप्पणी से ग़ज़ल को जो मान दिया उसके लिए  बहुत शु…"

नादिर ख़ान replied Nov 13, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-61

567 Nov 14, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीय सौरभ सर आपका आशीर्वाद पाकर मन प्रफुल्लित हुआ ।"

नादिर ख़ान replied Nov 13, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-61

567 Nov 14, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीय मिथिलेश जी हमेशा की तरह प्रथम, हर बार की तरह शानदार रचना वाह भई  वाह छा गए आप…"

नादिर ख़ान replied Nov 13, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-61

567 Nov 14, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"१.घर और घर में अंतर होता हैएक के आगे जले पटाखों का ढेर सारा कूड़ा दूसरे के आगे महज़ बज…"

नादिर ख़ान replied Nov 13, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-61

567 Nov 14, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"है दिवाली हम मनायें प्यार का उत्सव संग सबके खिलखिलायें हो बड़ा उत्सव   मौका है दस्तूर…"

नादिर ख़ान replied Nov 13, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-61

567 Nov 14, 2015
Reply by Saurabh Pandey

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय सौरभ सर प्रथम अंतरराष्ट्रीय ग़ज़ल संगोष्ठी का जीवन्त वर्णन आपके माध्यम से पढ़ने…"

नादिर ख़ान replied Nov 5, 2015 to प्रथम अंतरराष्ट्रीय ग़ज़ल संगोष्ठी – इलाहाबाद जश्न-ए-ग़ज़ल 2015 -आयोजन रिपोर्ट

11 Nov 11, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"खूबसूरत मतले के साथ गज़ल की शुरुआत हुयी और उतने ही उम्दा अंदाज़ मे मक्ता कहा,बढ़िया रचन…"

नादिर ख़ान replied Oct 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-64

534 Oct 25, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय दिनेश जी बड़ी खूबसूरत गज़ल कही आपने, शेर दर शेर सभी अशआर पसंद आए । मतले ने ही इ…"

नादिर ख़ान replied Oct 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-64

534 Oct 25, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय जनाब मजाज़ साहब बहुत हे खूबसूरत गज़ल हुई है ढेरों मुबारकबाद 1,2 जगह टाइपिंग  मि…"

नादिर ख़ान replied Oct 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-64

534 Oct 25, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

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आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
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आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
13 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
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घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

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