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"आरणीया प्राची जी महा उत्‍सव के सफल आयोजन एवं त्‍वरित संकलन के प्रकाशन पर हार्दिक धन्…"

Ravi Shukla replied Aug 11, 2015 to ओबीओ लाइव महोत्सव अंक-58 की समस्त रचनाएं एक साथ

39 Aug 30, 2015
Reply by Janki wahie

"फंदा विषयक बात से आया एक विचार हम भी लिख कर डाल दें रचना का उपहार रचना का उपहार, मगर…"

Ravi Shukla replied Aug 7, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-58

806 Aug 8, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"आरणीय योगराज जी आपने शेर को दाद दी बहुत ही अच्‍छाा लगा शेर कहने की और कोशिश आपकी हौ…"

Ravi Shukla replied Jul 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-61

609 Jul 25, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"आरणीय समर साहब आपको अशआर पसंद आये इसके लिये तहे दिल से शुक्रिया आपका मार्ग दर्शन मि…"

Ravi Shukla replied Jul 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-61

609 Jul 25, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"आदरणीया राजेश कुमारी जी बहुत बहुत बधाई सभी ने इस शेर पर दाद दी है आपको भी पसंद आया…"

Ravi Shukla replied Jul 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-61

609 Jul 25, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"आदरणीय सचिन जी बहुत बहुत आभार आपका आपक सुधि जनो की दाद पाकर अच्‍छा लगा"

Ravi Shukla replied Jul 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-61

609 Jul 25, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"आरणीय विनय जी बहुत बहुत आभार आपका मुझे भी यही शेर कहने में एक करुणा का अनुभव हुआ शा…"

Ravi Shukla replied Jul 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-61

609 Jul 25, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"आरणीय मिथिलेश भाई आपको मेरी कोशिश में कुद उम्‍मीद नज़र आई मेरे लिये ये बहुत उत्‍साहज…"

Ravi Shukla replied Jul 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-61

609 Jul 25, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"आरणीय दिनेश भाई घर के हवाले से बात कहने की कोशिश की है उस घर को ही आपस मे बांट लिया…"

Ravi Shukla replied Jul 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-61

609 Jul 25, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

"अपने  ही  हाथों  से हमने अपना  घर  नीलाम किया यानी सर पर साया था जो उसका काम तमाम कि…"

Ravi Shukla replied Jul 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-61

609 Jul 25, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

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" सादर नमस्कार आदरणीय मंच। कुछ अन्य सुझाव: 1- सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित कर ओबीओ की पत्रिका…"
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"प्रतिष्ठित मंच के सभी सम्माननीय सदस्यों को सादर प्रणाम🙏ओ बी ओ परिवार के समक्ष बनी इस विषम परिस्थिति…"
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एक हो दास्तां तो सुनाएं,लंबी है कहानी, फिर कभी।मिले थे जिस जगह इक उम्र पहले,वो धुंधली सी निशानी,…See More
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समय को दोष देना क्यूँ समय जीना सिखाता है समय की गति सुनिश्चित है समय ही तो विधाता है।। समय का खेल…See More
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धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देश की बदक़िस्मती थी चार व्यापारी मिले (ग़ज़ल)
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आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"उम्मीद है कि इस पटल से संबंधित कोई अच्छी खबर आएगी।"
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Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देश की बदक़िस्मती थी चार व्यापारी मिले (ग़ज़ल)
"इस सुंदर बुनावट और कहन पर आज नजर पड़ी, आदरणीय धर्मेन्द्र जी.  हार्दिक बधाई   "
May 25

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