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"आदरणीय सतविंदर जी आदाब,                         भूख को बेहतर तरीक़े से परिभाषित बढ़िया…"

Mohammed Arif replied Dec 8, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-86

618 Dec 9, 2017
Reply by Samar kabeer

"भूख का सुसाइड नोट ( द्वितीय प्रस्तुति ) ---------------------------------- भूख ने तं…"

Mohammed Arif replied Dec 8, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-86

618 Dec 9, 2017
Reply by Samar kabeer

"आपने बिल्कुल सही कहा आदरणीया राजेश कुमारी जी । मैं भी यही कहना चाहता हूँ ।"

Mohammed Arif replied Dec 8, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-86

618 Dec 9, 2017
Reply by Samar kabeer

"वाह! वाह!! बहुत ही बेहतरीन रचना । बहुत ही बढ़िया चित्रण ।हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए आ…"

Mohammed Arif replied Dec 8, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-86

618 Dec 9, 2017
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय वासुदेव जी आदाब,                      भूख का चित्रण करती बेहतरीन दोहा ग़ज़ल के…"

Mohammed Arif replied Dec 8, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-86

618 Dec 9, 2017
Reply by Samar kabeer

" बहुत ही जर्जर बूढ़ी हड्डियाँ ,खींचे कितना भार| एक अकेले जिस्म पर ,लगे उदर जब चार|| …"

Mohammed Arif replied Dec 8, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-86

618 Dec 9, 2017
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय बृजेंद्रनाथ जी आदाब,                              बहुत ही बेहतरीन ग़ज़ल । प्रदत…"

Mohammed Arif replied Dec 8, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-86

618 Dec 9, 2017
Reply by Samar kabeer

"हे भूख! मत भटका मचा न सृष्टि में  उथल-पुथल। तू कभी नहीं मिटी पर ध्वस्त कर दिया है तू…"

Mohammed Arif replied Dec 8, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-86

618 Dec 9, 2017
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय तस्दीक़ अहमद जी आदाब,                            "क्या" शब्द के 2 अक्षर गिने ज…"

Mohammed Arif replied Dec 8, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-86

618 Dec 9, 2017
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय अफरोज़ सहर जी आदाब,                                  हर शे'र बढ़िया । शे'र दर श…"

Mohammed Arif replied Dec 8, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-86

618 Dec 9, 2017
Reply by Samar kabeer

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दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
Sunday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
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Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
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Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"गजल*****करता है कौन दिल से भला दिल की बात अबबनती कहाँ है दिल की दवा दिल की बात अब।१।*इक दौर वो…"
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