For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Nilesh Shevgaonkar's Discussions (1,981)

Discussions Replied To (1968) Replies Latest Activity

"शुक्रिया आ. रवि जी "

Nilesh Shevgaonkar replied Mar 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-177

128 Mar 29, 2025
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"आ. लक्ष्मण जी,ग़ज़ल का मतला कमज़ोर है, बेहतर हो सकता था ...ऐसे हालात ही अब कहाँ शेष जोआ…"

Nilesh Shevgaonkar replied Mar 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-177

128 Mar 29, 2025
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"आ. अमीरुद्दीन अमीर साहब ...मतले की शुरुआत हू ब हू निदा साहब की ग़ज़ल के मतले की तरक़ीब…"

Nilesh Shevgaonkar replied Mar 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-177

128 Mar 29, 2025
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"धन्यवाद आदरणीय अमित जी ..क़ियामत को देवनागरी क़यामत लिखना प्रचलन में है.. और स्वीकार्य…"

Nilesh Shevgaonkar replied Mar 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-177

128 Mar 29, 2025
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

".झूठी ख़ुशियों का है इश्तिहार आदमी अस्ल में है मगर सोगवार आदमी. . अगले पल की अगरचे…"

Nilesh Shevgaonkar replied Mar 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-177

128 Mar 29, 2025
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"धन्यवाद सर, आप आते हैं तो उत्साह दोगुना हो जाता है।"

Nilesh Shevgaonkar replied Jan 26, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-175

52 Jan 26, 2025
Reply by Nilesh Shevgaonkar

".इक सज़ा है कि जिये जाऊँ ये दुनिया देखूँ वो जो होता ही नहीं है उसे होता देखूँ. . मेर…"

Nilesh Shevgaonkar replied Jan 24, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-175

52 Jan 26, 2025
Reply by Nilesh Shevgaonkar

"रचना सार्वजनिक होने के बाद शायर की कहाँ रही.. आपकी हो गयी...आप जैसा चाहिए..सादर "

Nilesh Shevgaonkar replied Dec 28, 2024 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-174

91 Dec 28, 2024
Reply by Richa Yadav

"आदरणीय अमीरुद्दीन 'अमीर'  जी  अच्छी ग़ज़ल कही आपने बधाई स्वीकार करें।सादर "

Nilesh Shevgaonkar replied Dec 28, 2024 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-174

91 Dec 28, 2024
Reply by Richa Yadav

"धन्यवाद आ. संजय जी "

Nilesh Shevgaonkar replied Dec 28, 2024 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-174

91 Dec 28, 2024
Reply by Richa Yadav

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Feb 3

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service