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"बहुत शुक्रिया आदरणीय सर जी !सादर"

Rahila replied Feb 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-76

878 Feb 11, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बहुत ,बहुत शुक्रिया आदरणीय सर जी !सादर"

Rahila replied Feb 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-76

878 Feb 11, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"हो गयीं बेकल अभी हैं झुग्गियाँ आस का दंगल बनी हैं झुग्गियाँ। वाह....!बहुत सुन्दर गज़ल…"

Rahila replied Feb 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-76

878 Feb 11, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बहुत सुन्दर गज़ल आदरणीय सर जी!,बधाई स्वीकार करें!सादर"

Rahila replied Feb 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-76

878 Feb 11, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय सर जी!इस बेहतरीन गजल के लिए खूब बधाई ।सादर"

Rahila replied Feb 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-76

878 Feb 11, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"प्रदत्त विषय पर बेहतरीन रचना आदरणीया सीमा जी!इस शानदार रचना के लिए बधाई ।सादर"

Rahila replied Feb 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-76

878 Feb 11, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

""अरबों की योजनाएं पर गरीब हैं वहीं। साहब के लिए होती हैं वरदान झुग्गियाँ।। "लाखों बन…"

Rahila replied Feb 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-76

878 Feb 11, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बहुत खूब लिखा आदरणीय सर जी!विषय पर शानदार खाका खींचा। बहुत बधाई आपको। सादर"

Rahila replied Feb 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-76

878 Feb 11, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय मिथलेश सर जी!आपकी रचना ने तो झुग्गियों का सजीव चित्रण ही कर दिया। कोई पहलू छू…"

Rahila replied Feb 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-76

878 Feb 11, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"जनाब आरिफ़ साहब !क्षणिकाएँ,बहुत बेहतरीन लगी ।बहुत बधाई आपको। सादर"

Rahila replied Feb 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-76

878 Feb 11, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

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