आदरणीय साथियो,
Tags:
शब्द बाण
=================
संगीत संध्या में दो हजार कुर्सियाँ श्रोताओं से भरी हुई थीं। संगीत में विशेष रुचि न होते हुए भी आयोजकों के आग्रह पर एक हजार सहयोग राशि देकर गंगाराम प्रथम पंक्ति में विराजमान थे।
तीस मिनट देर से मंच पर आते ही एकमात्र प्रौढ़ गायिका ने अलाप लेना प्रारंभ किया। उसकी कुरूपता से गंगाराम कुछ निराश हुए उस पर दस मिनट के अलाप के बाद हिन्दी अरबी फारसी शब्दों के प्रयोग से जब उसने कर्कश स्वर में गाना प्रारंभ किया तो लगा कि कहाँ फँस गए।
तीस मिनट सुनने के बाद बेचैन गंगाराम बाजू में बैठे सज्जन से पूछ बैठे - “बड़े दांत भोंडी नाक और समोसे जैसे मुखड़े वाली ये मोटी काली महिला कौन है ?”
सज्जन सहज भाव से बोले- “ जिसकी इतनी तारीफ की, वो मेरी धर्मपत्नी है।"
गंगाराम की दशा दयनीय हो गई। शब्द बाण वापस ले नहीं सकते। दो मिनट गायिका को ताकते रहे, फिर उस अभागे सज्जन से बोले- “ गरम समोसे के साथ गीत संगीत का आनंद लेंगे, मैं लेकर आता हूँ।”
सज्जन मुस्कुराते रहे, वे समझ गये कि न समोसा आएगा न ही वो बेचारा बेचैन मानव।
===========
( मौलिक अप्रकाशित )
आवश्यक सूचना:-
1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे
2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |
3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |
4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)
5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |
© 2026 Created by Admin.
Powered by
महत्वपूर्ण लिंक्स :- ग़ज़ल की कक्षा ग़ज़ल की बातें ग़ज़ल से सम्बंधित शब्द और उनके अर्थ रदीफ़ काफ़िया बहर परिचय और मात्रा गणना बहर के भेद व तकतीअ
ओपन बुक्स ऑनलाइन डाट कॉम साहित्यकारों व पाठकों का एक साझा मंच है, इस मंच पर प्रकाशित सभी लेख, रचनाएँ और विचार उनकी निजी सम्पत्ति हैं जिससे सहमत होना ओबीओ प्रबन्धन के लिये आवश्यक नहीं है | लेखक या प्रबन्धन की अनुमति के बिना ओबीओ पर प्रकाशित सामग्रियों का किसी भी रूप में प्रयोग करना वर्जित है |