For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मैं भी कवि-सम्मेलन में जाता हॅूं

मैं कवि-सम्मेलन में जाता हॅूं,
मैं भी कवि-सम्मेलन में जाता हॅूं,
भेद-भाव के दरया को,
पाटने की कोशिश  में,
सूरज के घर में चाॅंद का,
संदेशा  लेकर जाता हॅूं, हाॅं,
मैं भी कवि-सम्मेलन में जाता हॅूं।
खुशियों को ढ़ूंढ़ने निकला हॅूं,
मिल भी गयी दुखदायी खुशी,
दुखदायी खुशी के चक्कर में,
हसीन गम को भूल जाता हॅूं।, हाॅं,

मैं भी कवि-सम्मेलन में जाता हॅूं।
ऐशो-आराम की जिंदगी मिली है,
आराम से सोता पर क्या करूॅं,
पहले हजारों अर्धनिद्रा से ग्रसित,
बांधवों को सुलाता हॅूं, हाॅं,
मैं भी कवि-सम्मेलन में जाता हॅूं।
कार्यों को करने की प्रेरणा दी मैंने,
कई सलाह भी दीं मैंने,
पर खुद काम से जी चुराता हॅूं।,
मैं भी कवि-सम्मेलन में जाता हॅूं।
जिसकी मदद से पहुंचा इस मुकाम पे,
वही मेरे हाथ जोड़े खड़ा है,
मैं खुश मूढ़! एहसानों का बदला,
इस तरह चुकाता हॅूं, हाॅं,
मैं भी कवि-सम्मेलन में जाता हॅूं।
तुम्हारी दी इज्जत से रहा हॅूं।
दिखावे की जिंदगी भी है मेरे पास,
अपमान भी करता हॅूं तुम्हारा,
झूठे अहम के वश में,
अपनी हैसियत भूल जाता हॅूं।
मैं भी कवि-सम्मेलन में जाता हॅूं,
दुनिया में शिकायतों का,
सिलसिला चलता ही है,
मैंने बहुत शिकायतें की हैं तुम्हारी,
अब मुआफीनामा भी लिखता हॅूं, हाॅं
मैं भी कवि-सम्मेलन में जाता हॅूं।।

मौलिक व अप्रकाशित

Views: 423

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Manoj kumar shrivastava on December 4, 2017 at 6:40pm

आदरणीय दादा समर कबीर जी सादर प्रणाम। आपके मार्गदर्शन का कोटिशः आभार। इसी तरह मुझ पर अपना आशीर्वाद बनाये रखें।

Comment by Samar kabeer on December 4, 2017 at 5:06pm

जनाब मनोज कुमार जी आदाब,कविता का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें ।

'भेद भाव की दरिया को--"भेद भाव के दरया को"

'ऐषो'---"ऐशो"

'कई सलाह भी दिए मैंने'---"कई सलाह भी दीं मैंने"

'अपमान भी करता हूँ तुम्हारी'---"अपमान भी करता हूँ तुम्हारा"

'अब माफीनामा भी फरमाता हूँ'---"अब मुआफ़ी नामा भी लिखता हूँ"

Comment by Manoj kumar shrivastava on December 3, 2017 at 4:33pm
सादर आभार आदरणीय कुशक्षत्रप जी, सतत मार्गदर्शन देते रहियेगा।
Comment by नाथ सोनांचली on December 3, 2017 at 2:47pm
आद0 मनोज कुमार श्रीवास्तव जी सादर अभिवादन। अच्छी कविता लिखी आपने,भावों का उद्द्गार बेहतरीन। बहुत बहुत बधाई आपको।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इन सुझावों पर भी विचार करना चाहिये। "
8 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"यह भी व्यवहारिक सुझाव है। इस प्रकार प्रयोग कर अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। "
8 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"हाल ही में मेरा सोशल मीडिया का अनुभव यह रहा है कि इस पर प्रकाशित सामग्री की बाढ़ के कारण इस माध्यम…"
8 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय प्रबंधन,यह निश्चित ही चिंता का विषय है कि विगत कालखंड में यहाँ पर सहभागिता एकदम नगण्य हो गयी…"
16 hours ago
amita tiwari posted a blog post

निर्वाण नहीं हीं चाहिए

निर्वाण नहीं हीं चाहिए---------------------------कैसा लगता होगाऊपर से देखते होंगे जबमाँ -बाबाकि…See More
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .अधर

दोहा पंचक. . . . . अधरअधरों को अभिसार का, मत देना  इल्जाम ।मनुहारों के दौर में, शाम हुई बदनाम…See More
Tuesday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी सदस्यों को सादर सप्रेम राधे राधे सभी चार आयोजन को को दो भागों में विभक्त किया जा सकता है। ( 1…"
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"चर्चा से कई और पहलू, और बिन्दु भी, स्पष्ट होंगे। हम उन सदस्यों से भी सुनना चाहेंगे जिन्हों ने ओबीओ…"
Monday
pratibha pande replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय मिथिलेश जी के कहे से मैं भी सहमत हूँ। कैलेंडर प्रथम सप्ताह में आ जाय और हफ्ते बाद सभी आयोजन…"
Saturday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय को नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर जी का ये उत्तम विचार है। अगर इसमें कुछ परेशानी हो तो एक…"
Mar 13
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .युद्ध

दोहा सप्तक. . . . . युद्धहरदम होता युद्ध का, विध्वंसक परिणाम ।बेबस जनता भोगती ,  इसका हर  अंजाम…See More
Mar 13
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इस सारी चर्चा के बीच कुछ बिन्दु और उभरते हैं कि पूरे महीने सभी आयोजन अगर ओपन रहेंगे तो…"
Mar 13

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service