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करना रुखसत मुझे तो यूं करना ..

करना रुखसत मुझे तो यूं करना ..

मेरे शब्दों को साथ कर देना..

मेरे स्वप्नों को हार कर देना..

गीत जो संग संग गाए थे..

बोल कानों में सब सजा देना..

रंग सब प्रीत के रंग कर ही ..

मुझे मेरा कफ़न ओढा देना ..

इत्र उन महके हुए लम्हों का..

फूल हर कहकहे को कर देना..

ज़िन्दगी का तमाम सूनापन  ..

मेरी हथेलियों पे रंग देना..

आँखों में अश्क नहीं ,भरना ख्वाब ..

करना रुखसत मुझे तो यूं करना..



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Comment

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Comment by Lata R.Ojha on April 22, 2011 at 10:05pm
Aabhaar Vandana ji :)
Comment by Lata R.Ojha on April 22, 2011 at 1:14am
Shukria Saahil ji :)
Comment by Lata R.Ojha on April 22, 2011 at 1:14am
Dhanyavaad Ganesh ji :)
Comment by Saahil on April 21, 2011 at 9:07pm
मुझे मेरा कफ़न ओढा देना ..

इत्र उन महके हुए लम्हों का..

फूल हर कहकहे को कर देना..

 

bahut khoob! sundar panktiyan


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on April 21, 2011 at 8:50pm
आह ! बेहद खुबसूरत अभिव्यक्ति , आभार लता जी |
Comment by Lata R.Ojha on April 21, 2011 at 6:51pm
dhanyavaad Anita ji :)
Comment by Anita Maurya on April 21, 2011 at 5:34pm
bahut sundar...

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