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भावों के विहंगम

तेरे फड़फड़ाते पंखों की छुअन से

ऐ परिंदे!

हिलोर आ जाती है

स्थिर,अमूर्त सैलाब में

और...

छलक जाता है 

चर्म-चक्षुओं के किनारों से

अनायास ही कुछ नीर.

हवा दे जाते हैं कभी

ये पर तुम्हारे

आनन्द के उत्साह-रंजित

ओजमय अंगार को,

उतर आती है

मद्धम सी चमक अधरोष्ठ तक,

अमृत की तरह.

विखरते हैं जब

सम्वेदना के सुकोमल फूल से पराग,

तेरे आ बैठने से.

चेतना फूंकती है सुगंधी

जड़, जीर्ण और...अचेतन में.

बोल,भावों के विहंगम!

है कहाँ तेरा घरौंदा?

कण-कण में या हृदय में,

या फिर दूर...

यथार्थ के उस यथार्थ में,

जो कई बार अननुभूत रह जाता है.

-विन्दु

(मौलिक/अप्रकाशित)

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Comment by Vindu Babu on February 13, 2014 at 4:41am

आदरणीय जितेन्द्र जी,

आपकी बधाई सहर्ष स्वीकार है और आपको भी मेरा  हार्दिक धन्यवाद,रचना पर स्नेहात्मक प्रतिक्रिया देने के लिए।

सादर

Comment by Vindu Babu on February 13, 2014 at 4:37am

आदरणीया शशि जी:

भावों की अभिव्यक्ति भावों के लिए:)

आपकी उपस्थिति देख मन खुश हुआ.

अभिव्यक्ति आपको सुंदर लगी...इसके लिए आपका बहुत आभार.

सादर

Comment by Vindu Babu on February 13, 2014 at 4:33am

आपको कुछ पल तक रचना में खोयीं ,रचना सफल हुई  प्रिय महिमा जी.

पंक्तियों को सराहने के लिए आपका सादर आभार.

Comment by Vindu Babu on February 13, 2014 at 4:29am

आदरणीया प्राची दी...

आपकी निष्ठ प्रतिक्रिया सदैव मुझे उत्साहित करती है।

आप रचना के तह तक गयीं...उसकी अंतर्धारा को स्पर्श किया...मुझे बहुत अच्छा लगा.

आपका बहुत शुक्रियाआदरणीया,स्नेह बनाये रखें।

सादर

Comment by Vindu Babu on February 13, 2014 at 4:22am

आदरणीय रमेश कुमार चौहान जी आपने रचना को भावपूर्ण कह सराहा.,इसके लिए आभारी हूँ।

सादर

Comment by Vindu Babu on February 13, 2014 at 4:20am

परम आदरणीय विजय सर,

आपकी प्रतिक्रिया का शब्द-शब्द मेरा आन्तरिक उत्साहवर्धन करता है।आपने रचना को कई बार पढा,आशीर्वाद दिया...रचना और रचनाकार दोनों का सौभाग्य है।

आपका हार्दिक आभार आदरणीय।

सादर

Comment by Vindu Babu on February 13, 2014 at 4:15am

आप की टिप्पणी मुझे सम्बल देती है आदरणीय भंडारी सर...इसे बनाये रखें।

सादर आभार आदरणीय।

Comment by Vindu Babu on February 13, 2014 at 4:12am

आदरणीय राम शिरोमणि जी आपकी प्रशंसा से उत्साह बढ़ा।

हार्दिक धन्यवाद आपका।

सादर

Comment by Vindu Babu on February 13, 2014 at 4:09am

Respected Kunti Ma'm,

आपकी मुखर प्रतिक्रिया के लिए बहुत शुक्रिया आदरणीया।

सादर

Comment by Vindu Babu on February 13, 2014 at 4:07am

आपका हार्दिक आभार आदरणीया मीना दीदी.

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