For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आजकल इस शब्द का क्रेज कुछ इस कदर बढ़ गया है की गावं के चौक चौराहे से लेकर दिल्ली के संसद भवन तक यह शोर शराबे के साथ गूंज रहा है !कोई इस शब्द से अपनी राजनीती के तलवार को धार दे रहा है तो कोई अपनी छवि बचने में जुटा हुआ है !अर्थात अगर साफ़ शब्दों में कहा जाये तो यह भ्रष्टाचार शब्द काफी लोकप्रियता हासिल कर चुकी है साल २०१० में .मैंने अपनी कलम उठाई और सोचा कुछ लिखू इस भ्रष्टाचार पर लेकिन मेरी चल नहीं रही थी.क्योकि मुझे खुद पता नहीं है की यह भ्रष्टाचार है क्या?कुछ सवाल में मस्तिस्क में गूंज रहे थे जैसे:---क्या ललित मोदी द्वारा किया गया आई पी एल घोटाला भ्रष्टाचार है?राष्ट्रमंडल खेल में किया गया करोडों रुपये का घोटाला ही भ्रष्टाचार है?कारगिल में शहीद हुए उन वीर शपुतों के बिध्वाओं को घर आवंटन में किये गए हेर-फेर को ही भ्रष्टाचार कहते है?ए.रजा द्वारा किया गया देश का सबसे बड़ा घोटाला २ जी स्पेक्ट्रुम घोटाला भी भ्रष्टाचार है ?
ऐसे तमाम सवाल मेरे दिमाग में घूम रहे थे .
हलाकि राजनैतिक अस्तर पर देखा जाये तो ये सभी घोटाले देश की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस से सीधी जुडी हुई है .अगर इन सवालों का विश्लेषण किया जाये तो कुछ ऐसे महापुरुषों के नाम सामने आयेंगे जो आज इस भ्रष्टाचार के स्टार हैं.उदहारण के तौर पर :-ललित मोदी ,सुरेश कलमाड़ी(राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के अध्यछ),ए.रजा(पूर्व दूरसंचार मंत्री)अशोक चव्हाण(पूर्व मुख्यमंत्री,महाराष्ट्र).
यह भ्रष्टाचार शब्द सिर्फ स्टार ही नहीं बना रही है ,अब इसका क्रेज संसद में देखिये !
२१ दिवसीय शीतकालीन सत्र इस भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गया.कोई भी कार्य नहीं हुआ इस लोकतंत्र के मंदिर में सिवाय नारेबाजी के.विपछ लगातार संयुक्त संसदीय समिति के गठन की मांग करती रही और सरकार लगातार संसद स्थगन के आड़ में छिपती रही .हलाकि सरकार के पास कोई ठोस जवाब नहीं है की संयुक्त संसदीय समिति का गठन क्यूँ नहीं हो सकता है.?
अब भ्रष्टाचार को आम जनता से जोड़ कर देखा जाये तो ,सवाल यह उठता है की :- पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए दिया gaya १०० या ५०० का नोट,भ्रस्ताचार नहीं है?प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय में आय,जाती,निवास,प्रमाण पत्र निर्गत करने के क्रम में उपयोग होने वाला १० या २० का करिश्माई नोट ,भ्रष्टाचार का भाग नहीं है ?
ऐसे बहुत सारे सवाल है जो सीधे जनता से जुडी हुई है ! राष्ट्रमंडल खेल में कितना घोटाला हुआ ,२ जी स्पेक्ट्रुम में १.७६हजर करोड़ का घोटाला हुआ ,इससे जनता का कोई लें दें नहीं है ,क्युकी यह पैसा उनके जेब से नहीं गया है .अगर यह घोटाला नहीं भी हुआ होता तो उनके रहन सहन पर कोई असर नहीं पड़ता ,और हुआ भी है तो कोई असर नहीं पड़ रहा है.और मेरा मानना है की देश के ५०% गावं के आबादी को तो यह भी पता नहीं है की २ जी स्पेक्ट्रुम है क्या ?
तो अगर ऊपर के सभी लइनो को गौर से ध्यान दिया जाये तो यही kaha जायेगा की अगर २जी,राष्ट्रमंडल,आदर्श हौसिंग,भ्रष्टाचार है तो,जो आम जनता की समस्या मैंने ऊपर दर्शाया है उसे हमारा सिस्टम क्या नाम देगा ?
और अगर यह घुश्खोरी भ्रष्टाचार है तो इन घोटालों को हम महाभ्रश्ताचार क्यूँ न कहें?और यदि ये आम जनता से जुड़े समस्या भी भ्रष्टाचार है तो .........यह भ्रष्टाचार विरोधी आन्दोलन केवल दिल्ली में ही नहीं बल्कि प्रखंड स्तर,जिला स्तर ,पर राज्य स्तर पर पर भी उठना चाहिए और इसमें अडवाणी जी का धरना ,रामदेव का भ्रष्टाचार के खिलाफ पार्टी बनाना ही नहीं बल्कि आम जनता का भी चक्का जाम हो और तब तक रहे जबतक इन भ्रष्ट लोगों को उचित दंड न मिले .
इतने बड़े घोटाले का कीमत सिर्फ इस्तीफे से नहीं चुकेगा .अरबों रुपये का वजन सिर्फ इस्तीफे के एक कागज से नहीं तौला जा सकता है .
जय हिंद !

Views: 412

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale posted a blog post

चौपाइयाँ

दोहाबरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।। चौपाईवह फुहार वह साथ…See More
Tuesday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"  आदरणीय चेतन प्रकाश साहब सादर नमस्कार, यही तो मुख्य है विषय है इस रचना का. नदी नहीं उफ़नाई है.…"
Tuesday
Chetan Prakash commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय,  अशोक  रक्ताले साहब, नमस्कार  !  लेकिन  यह कैसी "रिमझिम…"
Tuesday
Profile IconShyamsundar Chatterjee , Alamseti ajita kumar and Dr. Mohd Israr joined Open Books Online
Tuesday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत रचना की सारगर्भित समीक्षा कर आपने मेरे सृजन कार्य को सार्थकता…"
Jul 11
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"परम आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम - सर सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"वायव्य दशा के प्रस्तुतीकरण के क्रम में बना विश्वास प्रस्तुति की शाब्दिकता को स्थापित करता हुआ सफल…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"संसार का मंच एक गंभीर विषय है. तदनुरूप आपका प्रयास श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी.  कई…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
Jul 10
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"आदरणीय  अशोक रक्ताले जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय…"
Jul 9
Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
Jul 5
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"अभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।.....सच है अभिनय जीवन की…"
Jul 5

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service