For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

(आदरणीया डा0 प्राची सिहं जी के सुझाव के बाद पुनः प्रस्तुत)


भ्रष्टाचार जड़ विकट, माया मन परतोष।
कहे सुने बढ़ जात है, अहम काम मद दोष।।1


पंडित वेद कुरान पाठ, करि सब भये मसान।
नेता भ्रष्ट भय आतंक, सब बनगै श्रीमान।।2


भ्रष्टाचार बन जग गुरु, लूटें देश समूल ।
रामदेव अन्ना लड़े , लिये हाथ मा तूल।।3


जनता निरी गाय-भैंस, लठैत है सरकार।
दूध दुहन को वोट है, फिर पीछे मक्कार।।4


नेता सब ज्रागत भये, सोवत सन्सद बीच ।
जनता जस जाग्रत हुये, मारे झोंटा खींच।।5


बंदर बाट-रेवडि़ बाट, बाटहि जोहे आज।
बाट-बाट से फोरि सिर, मिलता न काम काज।।6


भ्रष्टाचार लिप्त मनुष, बनता कैंसर ऐड।
कुजाति से डरे समाज, बेटी बेटा डैड।।7


सत्यम/मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 439

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on March 16, 2013 at 11:07pm

भाई केवल प्रसाद जी, आप दोहा छंद-रचना हेतु प्रयास करने के पूर्व भारतीय छंद विधान समूह में दोहा छंदों का विधान समझ लें. 

अन्यथा, आपकी मेहनत और पाठकों दोनों का समय जाया होंगे. देखियेगा, आपके दोहों में शिल्पगत मूलभूत कमियाँ कम हो जायेंगीं.

शुभेच्छाएँ.. .

 

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on March 16, 2013 at 8:53am

आदरणीय डा0 प्राची सिहं जी, सुप्रभात! आप के सुझावों को मैंने शिश्य की तरह शिरोधार्य किया है! ‘बिन गुरू ज्ञान कहॅा से पाउॅ‘  आपका यह मंच अच्छा और विशाल भी है मुझे किसी साथी ने सलाह दी थी कि आापको  यहॅा भरपूर सहयोग और आत्मीयता मिलेगी, सो मैं अबोध बालक की भॅाति शिष्ट परिसर मे हॅू! मेरी किसी बात को अन्यथा न लिये जाने की कृपा की जाये! मैं वैसा ही कररूॅगा जैसा आप लोगों का निर्देश मिलता रहेगा! मेरा उद्देश्य केवल समाज की विकृतियों को यथा प्रयास दूर करने हेतु सत्य का पक्ष प्रस्तुत कर सकूॅ ! आपके सम्मान मे ही मेरा वजूद बन सकेगा! अतः आपके आदर एवं सम्मान में एक बार पुनः क्षमा प्राथी हॅू! कृपया आशीष बनाये रखें! कृतज्ञ पूर्ण  बहुत बहुत आभार..!

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on March 15, 2013 at 8:00pm

आदरणीय डा0 स्वर्ण जे0 ओंकार जी,  हार्दिक आभार !


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on March 15, 2013 at 3:02pm

दोहा छंद के प्रति आपकी रूचि प्रशंसनीय है,

मैंने आपकी पूर्व रचना पर टिप्पणी में शिल्प की सम्पूर्ण जानकारी लेकर तदनुरूप छंद रचना का सुझाव दिया था.... परन्तु इस रचना में भी आपने कई जगह शिल्प को नहीं निभाया है.

भ्रष्टाचार जड़ विकट......१२ मात्रा , माया मन परतोष।
कहे सुने बढ़ जात है, अहम काम मद दोष।।1


पंडित वेद कुरान पाठ............विषम चरण का अंत गुरु लघु से नहीं होना चाहिए , करि सब भये मसान।
नेता भ्रष्ट भय आतंक...विषम चरण का अंत गुरु लघु से नहीं होना चाहिए , सब बनगै श्रीमान।।2


भ्रष्टाचार बन जग गुरु, लूटें देश समूल ।.........भ्रष्टाचार एक इकाई है ..इसके साथ लूटें की जगह लूटे लिखना चाहिए 
रामदेव अन्ना लड़े , लिये हाथ मा तूल।।3


जनता निरी गाय-भैंस.......विषम चरण का अंत गुरु लघु से नहीं होना चाहिए , लठैत है सरकार..........यहाँ गेयता बाधित है
दूध दुहन को वोट है, फिर पीछे मक्कार।।4

आपनी रचनामें में कथ्यात्मक संतुलन और निर्बाध गेयता के तत्वों को स्थान देने के लिए आप और सुधिजनों की दोहा रचनाएँ भी अवश्य पढते रहिये..

सद्कामनाएं 

Comment by Dr. Swaran J. Omcawr on March 15, 2013 at 11:31am

Bahut Khoob

All Doha are relavant to current situation

thanks for sharing

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अभी नहीं.. चर्चा जारी रहे।  'अभी' अलविदा ना कहना.. "
16 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय सौरभ भाई, आप ने सभी बातें सविस्तार कही और अनेकों संशयों को समाप्त किया। इसके पश्चात और कुछ…"
20 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"यह डेटाबेस तक पहुंच का प्रश्न है। सामान्यतः पोर्टल सर्विसेज एजेंसी साइट ओनर को डेटाबेस तक पहुंच…"
20 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता ’अजेय’ जी, आपकी संलग्नता आश्वस्तिकारी है. आपका सोचना आपके पहलू से…"
23 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"इस सारी चर्चा के बीच मैं एक बात और कहना चाहता हूँ। जैसा कि हम सबने देख लिया कि सदस्य इस मंच के लिए…"
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जी आदरणीय "
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"आदरणीय अमिताजी, हार्दिक बधाइयाँ    प्रस्तुति में रचनात्मकता के साथ-साथ इसके प्रस्तुतीकरण…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on सुरेश कुमार 'कल्याण''s blog post कुंडलिया
"आदरणीय सुरेश कल्याण जी, आपकी उपस्थिति के लिए हार्दिक धन्यवाद  छंद की अंतिम दोनों पंक्तियों की…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
"एक मार्मिक भावदशा को शाब्दिक करने का सार्थक प्रयास हुआ है, आदरणीया अमिता तिवारीजी. आप सतत अभ्यासरत…"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"शुक्रिया आदरणीय सर जी। डाउनलोड करने की उस व्यवस्था में क्या हम अपने प्रोफाइल/ब्लॉग/पन्ने की पोस्ट्स…"
yesterday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अभी प्रश्न व्यय का ही नहीं सक्रियता और सहभागिता का है। पोर्टल का एक उद्देश्य है और अगर वही डगमगा…"
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जैसा कि ज्ञात हुआ है कि संचालन का व्यय प्रतिवर्ष 90 हज़ार रुपये आ रहा है। इस रकम को इतने लंबे समय तक…"
Wednesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service