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तबादला

तबादला कोई खौफ नहीं,

नियमित घटना है,

रहो सदा तैयार इसके लिए,

यह नौकरी का हिस्सा है ।

 

कभी पसंद का,तो कभी मुश्किल का होता है,

कभी सुख तो कभी दुख देता है,

परिवर्तन संसार का नियम है यारो,

तबादले को खुशी से अपनालों यारो ।

 

बेमौसम तबादले तकलीफ़ देते हैं,

पत्नी बच्चों को परेशान करते हैं,

पर कट जाता है समय धीरे-धीरे,

थोड़ा संघर्ष सिखाते हैं तबादले ।

 

जरूरी नहीं की अपनी चाहत फले,

जिद नुकसान दे सकती है,

क्या छिपा है भविष्य गर्त में,

इसको तुम जानते नहीं ।

 

मजबूरी में,विनम्रता से निवेदन करो,

पर मत गिड्गिड़ाओ किसी से ,

इज्जत स्वाभिमान से बड़ा,

नहीं हो सकता, कोई तबादला ।

 

समस्या है सबके जीवन में,

इस बात को समझा करो,

बिना वजह हर तबादले में,

बॉस के सामने मत रोया करो ।

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Comment by akhilesh mishra on December 3, 2012 at 3:28pm

धन्यवाद रकटले जी ,हौशला बढ़ाने के लिए ।

Comment by Ashok Kumar Raktale on December 1, 2012 at 9:23am

समस्या है सबके जीवन में,

इस बात को समझा करो,

बिना वजह हर तबादले में,

बॉस के सामने मत रोया करो ।

तबादले कि समस्या और स्वाभिमान पर आपकी यह प्रस्तुति वाह!बहुत सुन्दर है मगर मीरा कि ये पंक्तियाँ भी उतनी ही सत्य हैं  "घायल कि गति घायल जाणे, जिस दिन घायल होय" 

Comment by shalini kaushik on November 26, 2012 at 11:45pm
मजबूरी में,विनम्रता से निवेदन करो,

पर मत गिड्गिड़ाओ किसी से ,

इज्जत स्वाभिमान से बड़ा,

नहीं हो सकता, कोई तबादला ।
bahut sahi kaha akhilesh ji .

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