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आपके दो-चार शब्द .....

सबसे पहले तो मैं ये बताना चाहता हु की क्या आप जानते है की कवियों और कलाकारों को उनके कविता और कला के बदले में क्या मिलता है ?और क्या देना चाहिए?और सबसे अहम् प्रश्न की वे चाहते क्या है ? मैं सबसे पहले इस अहम् प्रश्न का जवाब देना चाहूँगा ,की एक सच्चा कवि और कलाकार अपने मेहनत के बदले न तो आपसे पैसा चाहता है ,न तो आपका दो-चार घंटा समय चाहता है !अगर कुछ चाहता है ,तो वो है आपका प्यार,प्रोत्साहन,सलाह,प्रतिक्रिया -जिसे देने के लिए सिर्फ आपका २ मिनट का समय ही काफी होगा .

जहा तक मेरी अपनी समझ है, जिस तरह मंच पर खड़ा कलाकार सामने बैठे दर्शको से करतल ध्वनी चाहता है ,क्योकि उन तमाम दर्शको के तालियों से ही उस कलाकार को पता लगता है की वह अपने दर्शको के दिल में अपने लिए कितनी कितना जगह बनाई. ठीक उसी प्रकार यह openbooksonline.com के मंच पर खड़े हर प्रतिभागी (रचनाकार) एक दूसरे से उनका करतल ध्वनी अपने रचनाओं के निचे स्थित कमेन्ट बॉक्स में दो-चार शब्दों के रूप में चाहता है .

तो जरा सोचिये अगर हमारे दो-चार शब्दों से या दो-चार मिनट समय देने से अगर कोई रचनाकार या कवि अपने अंदर छिपी हुई प्रतिभा को और भी ज्यादा निखार सकता है ,तो हम ऐसा क्यों न करे ? और क्या हम सभी का यह फ़र्ज़ नहीं बनता है की हम उसे और उत्साहित करें .

अतः openbooksonline परिवार के सभी माननीय सदस्यगण से मेरा हार्दिक अनुरोध है की अपना प्यार, सलाह ,प्रतिक्रिया से जुड़े हुए दो-चार शब्द रचनाओ के निचे जरुर लिखे .......और यही दो-चार शब्दें उस रचनाकार के मेहनत का इनाम और मूल्य होगा .
धन्यवाद्
आपका अनुज :रत्नेश रमण पाठक

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Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on October 13, 2010 at 10:07pm
रत्नेश भाई मैं आपकी बातों से पूर्णतया सहमत हूँ , जैसा की OBO का उद्देश्य है कि सभी एक दुसरे से कुछ सीखे, और यह तभी संभव है जब सभी सदस्य एक दुसरे की रचनाओं पर अपनी टिप्पणी दे, चुकी वो पाठक जो OBO परिवार के सदस्य नहीं है वो पढ़ तो सकते है किन्तु उन्हे टिप्पणी देने का अधिकार नहीं है, टिप्पणी तो इस परिवार के सदस्य ही दे सकते है, तो क्यों ना हम चार शब्द लिखे जिससे लेखको को और भी बढ़िया लिखने मे सहयोग प्राप्त हो सके |
धन्यवाद भाई रत्नेश जो आपने इस महत्वपूर्ण बात को यहाँ रखा |

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