For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

घर के बाहर खाट लगादी बाबाजी

बोतल पर क्यों  डाट लगादी बाबाजी
मखमल में क्यों टाट लगादी बाबाजी



हमने जिसको जो भी ज़िम्मेदारी दी
उसने उसकी वाट  लगादी बाबाजी



कुल्फी खानी थी तो पहले  कह देते
अब तो मैंने चाट लगादी बाबाजी



पत्नी ख़ुश है क्योंकि  बूढ़े पापा की
घर के बाहर खाट  लगादी बाबाजी



हाय डार्लिंग ! की जगह बहनजी कहने पर
लड़की ने  चम्माट लगादी बाबाजी



पैसा लेकर प्रश्न  पूछने वालों ने
संसद में भी हाट लगादी बाबाजी



कौन बचाये जोशी को अब 'अलबेला'
जब मोदी ने काट लगादी बाबाजी



Views: 889

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Albela Khatri on June 15, 2012 at 9:10am

धन्यवाद अजय सिंह जी.....

Comment by Ajay Singh on June 15, 2012 at 9:06am

Albela  ji ...........

                   Lajabab.

Comment by Albela Khatri on June 15, 2012 at 7:32am

आपके उदार और विराट मन के  स्नेहिल उद्गारों को मैं  शिरोधार्य करता हूँ  और आपका हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ .
सम्मान्य उमाशंकर जी , 
यों ही  मोहब्बत बनाए रखिये..........सादर

Comment by UMASHANKER MISHRA on June 15, 2012 at 12:41am

मैं कोई-ववि नहीं हूँ| ववि को छोड़ दें...आज की तारीख में आप कवि हैं आप पर माँ सरस्वती की कृपा है  और ये कृपा आप पर बनी रहे यही कामना के साथ ...........एक तुक बंद (उमाशंकर )प्रभु माफ करना तुकबंदी तो हम करते हैं

Comment by Albela Khatri on June 15, 2012 at 12:36am

आप ठीक  कह रहे हैं  उमाशंकर जी,
रस है.....मेरी कविता में आपको और कुछ मिले न मिले, रस ज़रूर मिलेगा  और ये रस  प्रभु का दिया हुआ है . आशीर्वाद दीजिये कि  रस बना रहे.......

___आभार

Comment by Albela Khatri on June 15, 2012 at 12:32am

आदरणीय भाई  उमाशंकर मिश्रा जी,
पद्मासन  पर विराजित माँ शारदा की  सतत साधना करने वालों के लिए  पद्मश्री का महत्व ही क्या है ?  कवि तो वे हुए  जिनकी पालकी स्वयं सम्राटों  ने अपने कन्धे  पर उठाई . पद्म अथवा  छद्म पुरस्कार के लिए आवेदन करने वाले और जोड़ तोड़  का जुगाड़ बिठा कर सम्मान प्राप्त करने वाले जुगाड़ू  लोग कवि  कहाँ होते हैं ? कवि के लिए  तो माँ की कृपा से रची गई रचना का  एक एक  पद कई कई  पद्मों पर  भारी होता है .

बहरहाल........
आपने उन्मुक्त मन से सराहना की है . ये देख कर मैं नत मस्तक हूँ  और  आपका हार्दिक आभारी हूँ.   हाँ, इतना अवश्य  संशोधन कर लें कि  मैं कोई कवि-ववि नहीं हूँ जी.........एक तुक्कड़ हूँ....तुक मिलाता रहता हूँ और लोगों का मनोरंजन करता हूँ  बस.

___आपका  बहुत बहुत धन्यवाद

Comment by UMASHANKER MISHRA on June 15, 2012 at 12:17am

मुझे मालुम है की आपने सैकड़ों मंचों में शिरकत की है

परन्तु आज आपकी रचनाओं में विधा है दोहों से लेकर छंद तक 

आपकी मास्टरी है रचना में काव्य है और उस काव्य में रस है

Comment by UMASHANKER MISHRA on June 15, 2012 at 12:13am

हे प्रिय अलबेला जी ऐसी रचना पर दिल कुर्बान होने को होता है
आपकी ऐसी गरिमामय रचना पढ़सुन कर मन प्रफुल्लित हो
जाता है| वरना क्या बताए इस हिंदुस्तान में फूहड़ रचना लिखने वाले
फूहड़ चुटकुलों को कविता में ढाल कर सुनाने वाले अकवियों को  पद्मश्री  
मिल जाती है ये हमारे  लिए गर्व की बात है की ओ.बी.ओ.की क्लास
में निखर कर एक सितारा अपनी हास्य एवं उच्च कोटि के व्यंग से
एक नया मंच निर्मित करेगा और इस देश की जनता को उस पर नाज होगा
बेहतरीन बेहतरीन

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Monday
Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
Aug 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"  आदरणीय अशोक भाईजी, श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है. ऐसे पवित्र दिवस पर आप द्वारा प्रस्तुत…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रोहित डोबरियाल "मल्हार"'s blog post दास्तां
"आदरणीय रोहित डोबरियाल "मल्हार" जी, आपकी भावुक प्रस्तुतीकरण का स्वागत है.  आप…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"  निर्निमेष आँखों की प्रतीक्षा उत्कट तीव्रता के साथ शाब्दिक हुई है, आदरणीय विजय निकोर…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"वाह वाह वाह .. सावन की कजरी का आधुनिक रूप गुदगुदा गया, आदरणीय आशीष जी.  सही भी है, प्रकृति के…"
Aug 3
आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
Jul 27
Ashok Kumar Raktale replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
Jul 27
vijay nikore posted a blog post

सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेयाद तुझे किया था हमने ...कहती थी न ..."क्या...तुम्हारे…See More
Jul 27
आशीष यादव added a discussion to the group भोजपुरी साहित्य
Thumbnail

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी)

काहें सावन में देला अइसे शॉक पिया कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. मनवा तोहके पुकारे नैना फोनवा…See More
Jul 26
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

हरिगीतिका छंद

  हरि नाम लो हरि नाम लो हरि, नाम लो  हरि नाम लो।यह नाम  ही  है  सत्य  मानव,  भोर लो नित शाम…See More
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर,  चौपाइयों की इस प्रस्तुति पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हृदय से…"
Jul 24

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service