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जिन्दगी समझौता ही सही

जिन्दगी समझौता ही सही
पर मुझे उससे प्यार है।
स्नेह, प्रेम, मर्यादा की
लहराती बयार है।
गम नहीं गर पूरी नहीं
होती, मेरी पुकार है।

जिन्दगी समझौता ही सही
पर मुझे उससे प्यार है।

उठते ही रसोई से समझौता,
यही तो जीवन की खुषियों का द्वार है।
बिजली, पानी, सफाई से समझौता
नियमित ही होते इनसे दो चार हैं।
जिन्दगी समझौता ही सही
पर मुझे उससे प्यार है।

कार्यालय पहुँचते ही काम से समझौता,
इसमें जीविका के संचालन का सार है।
साथियों, कर्मचारियों, प्रबंधक से समझौता
इसमें कर्म की प्रगति के आसार है।
जिन्दगी समझौता ही सही
पर मुझे उससे प्यार है।

बस की लंबी कतार से समझौता
यही तो असली संसार है।
रास्ते में यातायात से समझौता
इसमें सुरक्षा और सदाचार है।
जिन्दगी समझौता ही सही
पर मुझे उससे प्यार है।

बच्चों की फरमाइष से समझौता
हर माँ-बाप की तरह हम भी मजबूूर हैं।
पति और पड़ौसी की षिकायत से समझौता,
वे बेकसूर हैं, हम मषहूर हैं।
जिन्दगी समझौता ही सही
पर मुझे उससे प्यार है।

टीवी, टेप और रेडियो से समझौता,
कम्प्यूटर भी खुद में मगरूर है।
इन्टरनेट की स्पीड भी एक समझौता है
यही अब व्यापार का आधार है।
जिन्दगी समझौता ही सही
पर मुझे उससे प्यार है।

नाते, रिष्ते और पड़ौसी भी समझौता है।
यही तो जीवन का व्यवहार है।
जिन्दगी समझौता ही सही
पर मुझे उससे प्यार है।
जिन्दगी समझौता ही सही
पर मुझे उससे प्यार है।

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Comment by Pankaj Trivedi on September 24, 2010 at 11:20pm
समझौता जब बोज बन जाएं तो जीना हराम हो जाता है, मगर जब उनसे प्यार ही है तो समझौता भी खुशहाल रखता है |
Comment by Rash Bihari Ravi on September 23, 2010 at 6:15pm
manmohak khubsurat sandar,

कार्यालय पहुँचते ही काम से समझौता,
इसमें जीविका के संचालन का सार है।
साथियों, कर्मचारियों, प्रबंधक से समझौता
इसमें कर्म की प्रगति के आसार है।
जिन्दगी समझौता ही सही
पर मुझे उससे प्यार है।
Comment by rajni chhabra on September 23, 2010 at 1:06am
aaj ki zindagi ka steek chitrn hai

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on September 22, 2010 at 10:57pm
बहुत खूब जाया बहन , आपने इस खुबसूरत रचना मे सिद्ध कर दिया कि जिन्दगी एक समझौता है, बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति,

कृपया ध्यान दे...

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