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माना त्यौहार भारत के, सब मस्त हैं |
सबसे प्यारा लगे, पन्द्रह अगस्त है ||
इस पर्व की, अनोखी ही पहचान है |
हर तरफ गूँजता, राष्ट्रीय गान है |
भारतीय करते अपने पे, अभिमान हैं ||
इसकी शोभा बढायें, जो सिद्धहस्त हैं || सबसे प्यारा लगे, पन्द्रह अगस्त है ||
इक ख़ुशी की लहर,बन के आता है यह |
सबके मस्तिष्क पर, छा ही जाता है यह ||
हमको पाके सजग, मुस्कुराता है यह |
इसकी रक्षा को तत्पर, सब सशक्त हैं || सबसे प्यारा लगे, पन्द्रह अगस्त है ||
इसकी खातिर हुए, जितने कुर्बान हैं |
उनकी इतिहास मैं, अपनी ही शान है ||
जो आज़ादी की रक्षा, का दें ज्ञान हैं |
'शशि' उनके लिए, आज नत-मस्त है |

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Comment

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Comment by Ravi Prabhakar on August 21, 2011 at 12:36pm

सुंदर रचना, साधु-साधु.. मेरी शुभकामनायें !

 

Comment by Shanno Aggarwal on August 16, 2011 at 1:49am

सुंदर रचना, शशि जी. मेरी शुभकामनायें !


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on August 15, 2011 at 6:38pm

सबसे प्यारा लगे, पन्द्रह अगस्त है ||

 

शशि मेहरा जी, बिलकुल सत्य कहा है आपने, बधाई इस प्रस्तुति पर , स्वतंत्रता दिवस की बधाई स्वीकार करें |


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on August 15, 2011 at 5:07pm

भारतीय इतिहास में इस पावन तिथि की शान में कही गयी रचना.

साधु-साधु..

 

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