For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

भाई बहिन का सतरंगी प्यार

इंद्रधनुष के रंगों जैसा ,
भाई बहन का प्यार।
भाई बहिन के रिश्ते के,
सात रंग आधार।।

बैंगनी जामुन के जैसे,
मीठा, कसैला इनका प्यार।
कभी झगड़ते ,कभी लुटाते,
बरबस एक दूजे पर प्यार।।

गहरे नीले स्याही के दाग़,
एक दूजे पर डाला करते।
बेवजह चिड़ाते एक दूजे को,
मन ही मन फिर पछताते।।

नीले नीले आसमान को,
बचपन में साथ निहारा करते।
कभी कभी तो रातों में बस,
आसमान में तारे गिनते।।।

हरे भरे घर - परिवार में,
दोनों को फर्ज निभाना है।
भैया को बहिना की राखी का,
कर्ज भी तो चुकाना है।।

पीली चूंदर ओढ़ाने का ,
भैया को फर्ज निभाना है।
तो बहिना को भी भैया को,
हर बुरी बला से बचाना है।।

नारंगी जैसा खट्टा मीठा भी,
होता इनका प्यार है।
उम्र के हर दौर में,
हो जाती तकरार है।।

लाल खून जो रगों में बहता,
वो तो दोनों में एक जैसा है।
रोज झगड़ लें चाहे जितना,
प्यार कभी ना इनका कम होता।।

"मौलिक और अप्रकाशित"

Views: 505

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Neeta Tayal on July 26, 2020 at 12:15pm

Respected madhu passiji bahut bahut aabhar

Comment by Madhu Passi 'महक' on July 26, 2020 at 11:53am

आदरणीया नीता तायल जी आपकी कविता " भाई बहन का सतरंगी प्यार " बहुत ही भावपूर्ण व अर्थपूर्ण लगी। आपने भाई बहन के रिश्ते की बहुत अच्छी व्याख्या की है। 

Comment by Neeta Tayal on July 26, 2020 at 10:57am

Bahut aabhar

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on July 26, 2020 at 10:48am
सुन्दर रचना, सामयिक , सच में भाई बहन का रिश्ता कड़वा मीठा खारा प्यारा सब है दोनों एक दूजे से नोक झोंक में लगे खूब निभाते हैं रक्षा बंधन की अग्रिम हार्दिक शुभकामनाएं

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. भाई अजय जी, अभिवादन। बेहतरीन गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
1 hour ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"शानदार ग़ज़ल हुई। "
5 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"इसे एक बार देख लें वो (जो) बुलाती रही उसे दिलबर भूख मारे उसी को भूल गया (भूख में वो उसी को भूल गया)"
5 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"कुछ सुझावबाप ख़ुद की ख़ुशी को भूल गया आज बेटा उसी को भूल गया १ (शेर को अभी और स्पष्ट किया जा सकता…"
5 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
" ‘अम्न का ख़्वाब रात में देखा’ में भी दोष है, यह शेर कुछ ऐसे हो सकता है।  अम्न…"
6 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"इसमें 'ही' गिराकर पढ़ा जायेगा। "
6 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"अभिवादन गुणीजन कुछ सुधार किए हैं कृपया देखिएगा तू जुदा हो के जब उदास हुईमैं भी अपनी हँसी को भूल…"
6 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय अजेय जी नमस्कार बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई आपकी बधाई स्वीकार कीजिए गिरह भी ख़ूब है चांदनी वाला…"
6 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय दयाराम जी नमस्कार ग़ज़ल का अच्छा प्रयास किया आपने बधाई स्वीकार कीजिए गुणीजनों की प्रतिक्रिया…"
6 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय लक्ष्मण जी अभिवादन बहुत शुक्रिया आपका हौसला अफ़जाई के लिए  3शेर का सुझाव अच्छा दिया आपने…"
6 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"खूबसूरत ग़ज़ल हुई। इस पर विचार कर सकते हैं।पथ की हर रौशनी को भूल गया (राह की रौशनी को भूल गया) साथ…"
6 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय अजेय जी नमस्कार बहुत बहुत शुक्रिया आपका , बेहतरी का प्रयास करूंगी सादर"
6 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service