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भाई बहिन का सतरंगी प्यार

इंद्रधनुष के रंगों जैसा ,
भाई बहन का प्यार।
भाई बहिन के रिश्ते के,
सात रंग आधार।।

बैंगनी जामुन के जैसे,
मीठा, कसैला इनका प्यार।
कभी झगड़ते ,कभी लुटाते,
बरबस एक दूजे पर प्यार।।

गहरे नीले स्याही के दाग़,
एक दूजे पर डाला करते।
बेवजह चिड़ाते एक दूजे को,
मन ही मन फिर पछताते।।

नीले नीले आसमान को,
बचपन में साथ निहारा करते।
कभी कभी तो रातों में बस,
आसमान में तारे गिनते।।।

हरे भरे घर - परिवार में,
दोनों को फर्ज निभाना है।
भैया को बहिना की राखी का,
कर्ज भी तो चुकाना है।।

पीली चूंदर ओढ़ाने का ,
भैया को फर्ज निभाना है।
तो बहिना को भी भैया को,
हर बुरी बला से बचाना है।।

नारंगी जैसा खट्टा मीठा भी,
होता इनका प्यार है।
उम्र के हर दौर में,
हो जाती तकरार है।।

लाल खून जो रगों में बहता,
वो तो दोनों में एक जैसा है।
रोज झगड़ लें चाहे जितना,
प्यार कभी ना इनका कम होता।।

"मौलिक और अप्रकाशित"

Views: 514

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Comment by Neeta Tayal on July 26, 2020 at 12:15pm

Respected madhu passiji bahut bahut aabhar

Comment by Madhu Passi 'महक' on July 26, 2020 at 11:53am

आदरणीया नीता तायल जी आपकी कविता " भाई बहन का सतरंगी प्यार " बहुत ही भावपूर्ण व अर्थपूर्ण लगी। आपने भाई बहन के रिश्ते की बहुत अच्छी व्याख्या की है। 

Comment by Neeta Tayal on July 26, 2020 at 10:57am

Bahut aabhar

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on July 26, 2020 at 10:48am
सुन्दर रचना, सामयिक , सच में भाई बहन का रिश्ता कड़वा मीठा खारा प्यारा सब है दोनों एक दूजे से नोक झोंक में लगे खूब निभाते हैं रक्षा बंधन की अग्रिम हार्दिक शुभकामनाएं

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