For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

PREETAM TIWARY(PREET)'s Blog (12)

tiwary baba aaya....hasne ki guarantee laya.....

1... एक पठान बिना छीले केला खा रहा था, किसी ने उसे कहा- इसे छील तो लो।

पठान - छीलने की क्या जरुरत है हमें मालूम है इसमें केला है।



2... एक भिखारी की लॉटरी लगी तो वो एक मंदिर बनवाता है।

दूसरा भिखारी- यार तू मंदिर क्यों बनवा रहा है।

भिखारी- क्योंकि इसके सामने मैं अकेला भीख मांगूंगा।



3... बॉस ने एक मेहनती कर्मचारी को बुलाकर कहा- ये लो 5000 रुपये का चेक, अगर इसी तरह मेहनत से काम करते रहोगे तो साइन भी कर दूंगा



4... एक भारतीय युवक ने चाइनीज लड़की से…
Continue

Added by PREETAM TIWARY(PREET) on April 23, 2010 at 12:37pm — 5 Comments

रफ़ी का एक सदाबहार नगमा--------------भाग-2

फिल्म-- हीर राँझा

गायक-- रफ़ी

गाना का बोल-- ये दुनिया ये महफ़िल



ये दुनिया ये महफ़िल मेरे काम की नहीं....मेरे काम की नहीं....

ये दुनिया ये महफ़िल मेरे काम की नहीं....मेरे काम की नहीं....



किसको सुनाऊ हाल दिल-ए-बेकरार का

बुझता हुआ चिराग हूँ अपने मजार का..

ए काश भूल जाऊ मगर भूलता नहीं...

किस धूम से उठा था जनाज़ा बहार का....

ये दुनिया ये महफ़िल मेरे काम की नहीं....मेरे काम की नहीं....



अपना पता मिले न खबर यार की…
Continue

Added by PREETAM TIWARY(PREET) on April 19, 2010 at 2:07pm — 2 Comments

कुछ रोचक जानकारी...भाग--2

1...फिरोज तुगलक वह सल्तनत शशक था जिसने लाचार महिलाओ,विधवाओ और लड़कियों की सहायता के लिए दीवान-ऐ-खैरात विभाग की स्थापना की थी...........



2...मियां का मल्हार और मियां की तोड़ी नामक ग्रन्थ की रचना तानसेन ने की थी..जो की अकबर के नवरत्न कहे जाते थे.........



3...डुप्ले वह फ़्रांसिसी गवर्नर था जिसने भारत में सर्वप्रथम सहायक संधि का प्रयोग किया था.................



4...हिंदी,हिन्दू,हिंदुस्तान का नारा भारतेंदु हरिश्चंद्र ने दिया था............



5...निलगिरी की…
Continue

Added by PREETAM TIWARY(PREET) on April 15, 2010 at 8:30am — 4 Comments

कुछ रोचक जानकारी.................

1...कोलंबस भारत देस की खोज में निकला था लेकिन वह अमेरिका पहुच गया...............



2...पुर्तगालियो ने गोवा पर १५१०ई में अधिकार किया था.................



3...कर्नाटक का युद्ध इंग्लैंड और फ्रांस के बीच हुआ था...............



4...टीपू सुल्तान की राजधानी श्रीरंग्पत्त्नम थी............



5...महाराज रंजित सिंह की राजधानी लाहौर में थी जो की अभी पाकिस्तान में है...........



6...भारत में अंग्रेज राज्य का संस्थापक लोर्ड क्लीव…
Continue

Added by PREETAM TIWARY(PREET) on April 14, 2010 at 9:12am — 4 Comments

झील मिल सितारों का आँगन होगा...............kuch purani yaadein meri apni

ee gaana hamar favorite ha aur ee gaana par hum prize bhi le chukal bani jab hum 9th class me rahni tab.....wo samay ego program me hum aur hamar ego dost(humra pados me hi raheli) gawle rahni jaa aur first prize milal rahe.....wo prize wala photo abhi humra lage naikhe naa ta wo bhi lagawle rahti.......

ta lee padhi raua sab bhi aur batayi ki kauna movie ke gaana ha ee aur ke gawle baa.....



झील मिल सितारों का आँगन होगा

रिमझिम बरसता सावन होगा

ऐसा सुन्दर सपना अपना…
Continue

Added by PREETAM TIWARY(PREET) on April 7, 2010 at 11:00pm — 7 Comments

सनेहिया लगावल बहुत बात नइखे................

ee gaana hum 2 saal pahile sunle rahni aur abhi singer ke naam humra yaad naikhe....hamar ego aadat ha ki jaun gaana humra thik lag jala wo ek baar sunla me hi humra hamesha khatir yaad ho jala aure vishesh parishthiti me yaad aawt rahela....jaise aaj ee gaana yaad aail aur hum ehja post kar rahal bani......

jab bhi singer ke naam yaad aayi hum likh deb......tab tak raua log ee padhi aur kuch aapan bahumulya samay nikal kar kuch comments kar deb sabhe......

abhi hum e naikhi batawat… Continue

Added by PREETAM TIWARY(PREET) on April 6, 2010 at 11:47pm — 5 Comments

रफ़ी का इक सदाबहार नगमा..............

फिल्म-- हँसते जख्म

गाना-- हां ये माना मेरी जान मोहब्बत सजा है

गायक-- मोहम्मद रफ़ी



तौबा तौबा ये जवानी ये जवानी का गुरूर

इश्क के सामने सर फिर भी झुकाना ही परा

कैसा कहते थे ना आयेंगे ना आयेंगे

मगर दिल ने इस तरह पुकारा तुम्हे आना ही परा



ये माना मेरी जान मुहब्बत सजा है

मजा इसमें इतना मगर किसलिए है

वो इक बेकरारी जो अब तक इधर थी

वोही बेककारी उधर किसलिए है



बहलना ना जाने बदलना ना जाने

तमन्ना मचल के सम्हलना… Continue

Added by PREETAM TIWARY(PREET) on April 5, 2010 at 11:48pm — 6 Comments

कुछ सच्चाई जो हमेशा प्रभावी होती है, इक नज़र इधर भी...

1...हमें दूसरो के गुणों की प्रशंशा अवस्य करनी चाहिए/

2...सुनना तो हमें सबकी बातों को चाहिए,लेकिन करना हमेशा अपने मन का चाहिए/

3...हमें किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले अच्छी तरह से तैयारी कर लेनी चाहिए/साथ ही हमें बुरे परिणामो के लिए भी तैयार रहना चाहिए

4...अपने गुणों का स्वयं ही बखान करने से पाप और पुण्य दोनों का प्रभाव क्षीण हो जाता है/

5...किसी व्यक्ति को आप अच्छी खबर दे या ना दे,पर बुरी खबर देने से हमेशा बचे/

6...जो कार्य अगले दिन करनी हो,उसकी रूप-रेखा रात को…
Continue

Added by PREETAM TIWARY(PREET) on April 4, 2010 at 12:58pm — 9 Comments

maano ya naa manno par ye sahi baat hai....dekhi sabhe

1...पृथ्वी पर प्रति मिनट लगभग 6000 बार बिजली कड़कती है।

2...छींक हमारे मुख से लगभग 100 मील प्रति घंटा की गति से बाहर आती है।

3...डॉल्फिन मछली एक आंख खुली रखकर सोती है।

4...मनुष्य अपने जीवनकाल में लगभग 60 हजार पाउण्ड भोजन सामग्री खा जाता है जो लगभग 6 हाथियों के वजन के बराबर है।

5...किसी जमाने में आइसलैण्ड के एक शहर में कुत्ता पालना गैरकानूनी था।

6...हर चार में से एक अमरीकी कभी न कभी टेलीविजन पर दिखाया जा चुका है।

7...जन्म के समय हमारे शरीर में 300 हड्डियां होती हैं… Continue

Added by PREETAM TIWARY(PREET) on April 3, 2010 at 11:36pm — 7 Comments

अइसन तू दिहलू ग़म प्यार में

अइसन तू दिहलू ग़म प्यार में हमके सनम
जीयल अब जाई ना बिन तोहरा…
Continue

Added by PREETAM TIWARY(PREET) on March 31, 2010 at 11:04am — 8 Comments

हर पल हसणे वाले को,खुद हसणे का भी वक़्त नही

हर खुशी है लोगो के दामन मे,

पर एक हसी के लिए वक़्त नही,

दिन रात दौड़ती दुनिया मे,

ज़िंदगी के लिए वक़्त नही,



माँ की लॉरी का एहसास तो है,

पर माँ को माँ कहने का वक़्त नही,

सारे रिश्तो को तो हम मार चुके,

उन्हे दफ़नाने का भी वक़्त नही,



सारे नाम मोबाइल मे हैं,

लेकिन दोस्ती के लिए वक़्त नही,

दिल है गम से भरा हुआ,

पर रोने का भी वक़्त नही,



पैसे की दौड़ मे ऐसे दौड़े,

की थकने का भी वक़्त नही,

पराए एहसासो की क्या कद्र…
Continue

Added by PREETAM TIWARY(PREET) on March 29, 2010 at 9:10am — 2 Comments

एक राज कहत बानी....................

सब जान के चुप चाप अब सहत बानी
हम होश में बेहोश हो रहत बानी…
Continue

Added by PREETAM TIWARY(PREET) on March 17, 2010 at 9:19pm — 7 Comments

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-तुम्हारे प्यार के क़ाबिल
"वाह...आपका सुझाव बहुत ही खूबसूरत है आदरणीय नीलेश जी किनारा हो नहीं सकता कभी मझधार के क़ाबिल "
12 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-तुम्हारे प्यार के क़ाबिल
"आ. बृजेश जी  जरा सा मसअला है ये नही तकरार के क़ाबिल... तकरार के क़ाबिल नहीं है तो अच्छा ही…"
13 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-तुम्हारे प्यार के क़ाबिल
"जी बिल्कुल...आप लोगों की तीखी बहस में भी काफी कुछ सीखने को ही मिलता है।"
13 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-तुम्हारे प्यार के क़ाबिल
"आ. बृजेश जी, आप तो आप .. मैं भी अक्सर समर सर के सानिध्य में सीखता हूँ.. कई बार तीखी बहस भी हो…"
13 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-तुम्हारे प्यार के क़ाबिल
"ऐसे कहता हूँ जरा सा मसअला है ये नही तकरार के क़ाबिल चलो माना नहीं हूँ मैं तुम्हारे प्यार के क़ाबिल"
13 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-तुम्हारे प्यार के क़ाबिल
"उचित है आदरणीय नीलेश जी...ये सच है कि साहित्य में मेरी जानकारी बहुत ही अल्प है...बस कुछ कहना चाहता…"
13 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Sushil Sarna's blog post तेरे मेरे दोहे ......
"आ. सौरभ सर, आग के उच्चारण का ग और चराग़ के उच्चारण के ग़ का अंतर  आप भी…"
13 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post तेरे मेरे दोहे ......
"देवनागरी लिपि में हिंदी भाषा का व्याकरण या छंदशास्त्र ऐसे किसी नियम की चर्चा नहीं करता कि आग और…"
14 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Sushil Sarna's blog post तेरे मेरे दोहे ......
"आ. सुशिल जी,चराग़ के साथ दाग़ बाग़ फ़राग़ दिमाग़ सुराग़ आदि तुकांत लिए जा सकते हैं."
16 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-तुम्हारे प्यार के क़ाबिल
"आप मुद्द आ का उर्दू रूप देखें .. مدعا  मीम , दाल , ऐन मिलकर मुद्द और बाद का अलिफ़ आ बना रहे…"
16 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-तुम्हारे प्यार के क़ाबिल
"आ. बृजेश जी,मुद्दआ को आम बोलचाल में मुद्दा ही पढ़ा जाने लगा है लेकिन साहित्य में लिखते समय शुद्ध रूप…"
16 hours ago
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-80 (विषय: आकर्षण)
"आभार आ.उस्मानी जी।"
yesterday

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service