For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Dr.Brijesh Kumar Tripathi's Blog (47)

विजय-गीत

देखो पुकार कर कहता है

भारत माँ का कण-कण, जन जन

हम बने विजय के अग्रदूत

भारत माँ के सच्चे सपूत...



हम बढ़ें अमरता बुला रही...

यश वैभव का पथ दिखा रही ...

यश-धर्म वहीँ है, विजय वहीँ..

जिस पल जीवन से मोह नहीं

आसक्ति अशक्त बनाती है ...

यश के पथ से भटकाती है ...

जो मरने से डर जाता है...

वह पहले ही मर जाता है ...



हम पहन चलें फिर विजयमाल,

रोली अक्षत से सजा भाल...

हम बनें विजय के अग्रदूत...

भारत माँ के सच्चे…
Continue

Added by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on October 6, 2010 at 9:11am — 1 Comment

तुम्हारी याद आती है

तुम्ही पहचान हो मेरी,

तुम ही बस जान हो मेरी,

यह तुम हो जिससे हम 'हम' हैं

यह हम हैं जिसके रग-रग मे,

बसे बस तुम हो, तुम ही हो .



तुम्हारा नाम लेकर ही,

मेरी हर सांस आती है....

तुम्हारे बिन

मेरी साँसें न आती हैं ...न जाती हैं



तुम्ही हो मायने अबतक,

हमारे ज़िंदा रहने के.....

तुम्ही कारण बनोगे,

मौत मेरी जब भी आएगी



नही मालूम मुझको,

ज़िंदगी से चाहिए क्या अब ?

तुम्हारे प्यार और दीदार का बस

आसरा हो…
Continue

Added by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on September 27, 2010 at 5:30am — 2 Comments

हे कृष्ण तुम्हे आना होगा....

माँ के आँचल से छीन जहाँ

नवजात मृत्यु ले जाती हो..

सत्ता पैशाची हर्षित हो

इस पर कहकहा लगाती हो...



आतंकी अत्याचारी ही,

जिस कालखंड के शासक हों ,

जब स्वार्थ नीति से प्रेरित हो

शासन समाज का त्रासक हो...



जहाँ बचपन ढोर चराने में

उलझे, शिक्षा से दूर रहे...

जहाँ समझदार भी सत्यवचन

न कहने को मजबूर रहें....



जहाँ विषधर नदियों के जल में

कुंडली मार कर बैठे हों ,

जो मानदंड हों श्रद्धा के,

श्रद्धालुजनों से ऐंठे… Continue

Added by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on September 19, 2010 at 4:00pm — 2 Comments

जय भारत-जय भारती

एक लकडहारा था..बेहद गरीब और मासूम.जबतक जंगल में कड़ी मेहनत कर लकड़ी न काटता था और उसे बेच कर कुछ पैसे न कमाता था उसके घर में चूल्हा नहीं जलता था .एकबार कई दिनों तक लगातार मूसलाधार बारिश हुई, लकडहारा जंगल नहीं जा पाया फलस्वरूप उसके घर भुखमरी की नौबत आ गयी ....खैर ..बारिश तो एक दिन थमना था सो थमी ...लकडहारा कुल्हाड़ी लेकर जंगल भागा.संयोग से उसे एक पेड़ सूखा मिल गया..उसने मेहनत से ढेर सारी लकड़ी काटी...किन्तु एक भूल हो गयी थी ..घर से वह रस्सी लाना तो भूल ही गया था ..अब क्या हो ?लकड़ी का ढेर… Continue

Added by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on August 17, 2010 at 6:28am — 2 Comments

छोटा परिवार - सुख का आधार ?

एक समय था जब

घर आया अतिथि

देव तुल्य होता था ..

उसको पेट भर खिला कर

कभी-कभी गृहस्वामी भूखा ही सोता था...



ऐसे गृह स्वामी की झूठन में लोट-पोट

आधा सोने का नेवला

युधिष्ठिर के राजसूय यग्य में भी ...

पूरा सोने का न हो पाया था..

और उसने सम्राट के यग्य के सम्पूर्ण फल को

गृह स्वामी की तुलना में

व्यर्थ ही बताया था..



जी भले ही लोग कहें

छोटा परिवार - सुख का आधार

नयूक्लीअर परिवार –सुखी-परिवार …

पर मैं सोचता हूँ

सुख… Continue

Added by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on August 11, 2010 at 3:42pm — 2 Comments

धर्म और राजनीति

धर्म धुरी है इस जगती की

धर्म सृष्टि का है आधार..

धर्म न्याय से ही सुस्थिर है

इस दुनिया के सब व्यापार.



धर्म सिखाता है बेटे को

माँ का हो पूरा सम्मान..

धर्म मान कर ही सीमा पर

सैनिक देता अपने प्राण ..



सूर्य चन्द्र भी धर्म मान कर

देते हैं प्रकाश उपहार ;

धर्म मान निज वृक्ष फूलते

नदियाँ जल देतीं साभार ...



पत्नी माँ दोनों हैं स्त्री ,

किन्तु पृथक इनका स्थान

माँ माँ है पत्नी है पत्नी,

धर्म कराता इसका… Continue

Added by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on August 11, 2010 at 3:38pm — 3 Comments

भारतवर्ष या इंडिया

उत्तर मे हिमालय से प्रारंभ हो कर दक्षिण मे जहाँ सागर की उत्ताल तरंगे इस अप्रतिम राष्ट्र के पैर पाखार रहीं है, और कराची से कंबोडिया तक जहाँ अपनी भारत मा अपनी बाहें फैलाए अपने पुत्रों के हर दुख को आत्मसात करती खड़ी दिखती है,संपूर्ण आर्यावर्त को अपने वात्सल्य के मजबूत.डोरी मे बांधती दिखती है वह सारी की सारी सांसकृतिक भूमि हिंदुस्तान है.इससे कोई अंतर नही पड़ता कि आप उसे हिंदुस्तान कहते है या भारत या फिर इंडिया.

राज्य अनेक हो सकते हैं... राजनीतिक सत्ताएँ भी अनेक हो सकती हैं...किन्तु सांस्कृतिक… Continue

Added by Dr.Brijesh Kumar Tripathi on July 16, 2010 at 6:00am — 1 Comment

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  आदरणीय,  तकनीकी दृष्टिकोण से मैं कुछ  अधिक नहीं कह सकता । किन्तु यदि हमारा …"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी विद्वद्जन अपने-अपने हिसाब कुछ न कुछ चर्चा कर रहे हैं, उपाय बता रहे हैं, आदरणीय ..  आप भी…"
Friday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" आदरणीय सौरभ साहब,  अंततोगत्वा कुछ ऐसा प्रबंध तो होना ही चाहिए कि ओ,बी,ओ पराभव को प्राप्त…"
Friday
जगदानन्द झा 'मनु' added a discussion to the group मैथिली साहित्य
Thumbnail

भक्ति गजल

सजल कन्हाइ रूपक रस बहाबैएहरिक ई रूप दुनियाकेँ रिझाबैएमुकुटपर पैंख मोरक मोहनी सोहैहियामे रस सिनेहक ई…See More
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  उत्साहित बने रहने और सतत चलते रहने के सुझाव से निस्सृत होती सकारात्मकता का आयाम आश्वस्तिकारी…"
Jun 8
धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जब कविता कोश चल सकता है तो ओबीओ क्यूँ नहीं। वहाँ भी शुरू में जो लोग थे आज नहीं हैं। नए-नए लोग…"
Jun 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"चर्चा में आपकी उपस्थिति तथा आपके भावमय शब्दों का स्वागत है आदरणीय मिथिलेश जी. "
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "प्यारी दुश्मन" -[लघु कथा] (18)
"मेरी इस रचना के अवलोकन हेतु पाठकों को हार्दिक धन्यवाद।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "शह और शिकस्त" - [लघुकथा] 25 (शतरंज संदर्भित) - शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"मेरी इस रचना पर 446 अवलोकन हेतु हार्दिक आभार पाठकों के प्रति।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post सूरज के तेवर (लघुकथा) [छंदोत्सव-58 चित्र से प्रेरित] /शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"रचना पटल पर उपस्थिति, समीक्षात्मक टिप्पणी और सवाल हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीया कान्ता रॉय जी। मेरी…"
Jun 5
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" सादर नमस्कार आदरणीय मंच। कुछ अन्य सुझाव: 1- सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित कर ओबीओ की पत्रिका…"
Jun 1
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अच्छा सुझाव"
Jun 1

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service