For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

SudhenduOjha's Blog – August 2018 Archive (3)

सुनो, नारी कभी नग्न नहीं होती है और सुनो, नारी कभी नहीं रोती है

सुनो, नारी कभी नग्न नहीं होती है

और सुनो, नारी कभी नहीं रोती है

नारी कभी नग्न नहीं होती

नग्न होती हैं ;

हमारी मातायें,

हमारी बहनें,

हमारी पत्नी,

हमारी बेटियां,

हमारी पुत्र-वधुयें,

हमारी विवशताएं

नारी कभी नहीं रोती है-

रोती हैं ;

हमारी मातायें,

हमारी बहनें,

हमारी पत्नी,

हमारी बेटियां,

हमारी पुत्र-वधुयें,

हमारी विवशताएं

फिर…

Continue

Added by SudhenduOjha on August 24, 2018 at 6:30pm — 9 Comments

वो बेबसी का कहर देखते हैं

वो बेबसी का
कहर देखते हैं
हम भी अपना
शहर देखते हैं

उतर गया है
पानी सैलाब का
मिट्टी से सना
घर देखते हैं

शर्म, हया, अना
कहाँ बची है
झुक के सभी
दीवारो-दर देखते हैं

घोल दी गई कुछ
इस तरह मिठास
ज़ुबाँ में ज़हर का
असर देखते हैं

इस उम्र न आओगे
लौट कर यहाँ
हम न जाने किसकी
डगर देखते हैं

मौलिक एवम अप्रकाशित
सुधेन्दु ओझा

Added by SudhenduOjha on August 24, 2018 at 12:20pm — 1 Comment

कैसे-कैसे सवालों का जवाब है जिंदगी कांटों के साथ-साथ गुलाब है जिंदगी

कैसे-कैसे सवालों का जवाब है जिंदगी

कांटों के साथ-साथ गुलाब है जिंदगी

तुम समझ सके न जिसे हम समझ सके

ऐसे मसाएलों का अजाब (दुख/संत्रास) है जिंदगी

शज़र (वृक्ष) की ओट में चांद ठहर गया है

चांदनी कह रही है, माहताब है जिंदगी

मेरे औ चांद के जो दरम्यान था

शज़र का हल्का सा नक़ाब है जिंदगी

तेरी मुस्कुराहटों, रुसवाईयों से अलग

भूख और गुरबतों का असबाब है जिंदगी

तू रहे कहीं, मुझ से जुदा रह नहीं…

Continue

Added by SudhenduOjha on August 13, 2018 at 10:30am — 3 Comments

Monthly Archives

2018

2017

2016

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post अनसुने अनकहे के बीच
"आ. भाई विजय जी, सादर अभिवादन। अच्छी रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post कुंडलिया. . . . झोला
"आ. भाई सुनील जी सुंदर कुंडलियां हुई हैं हार्दिक बधाई।"
Wednesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted blog posts
Wednesday
sushil yadav posted blog posts
Oct 26
Sushil posted blog posts
Oct 26
vijay nikore posted a blog post

अनसुने अनकहे के बीच

                        अनसुने अनकहे के बीच.कहे अनसुने-से रहे कुछ जज़्बातउसपर अनकहे एहसासों का…See More
Oct 26
रोहित डोबरियाल "मल्हार" replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"1 लाख मासिक चाहिए ही क्यों भाई, वर्डप्रेस CRM में वेबसाइट को ट्रांसफर कर दिया जाए, तो सालाना खर्च…"
Oct 15
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service