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gaurav uphar
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Profile Information

Gender
Male
City State
mathura
Native Place
bharatpur
Profession
poetry
About me
geet jindgi hai bus likho magar sambhal ke

Gaurav uphar's Blog

कुछ मुक्तक

यही सत्य है इस दुनिया का, कहते अक्षर काले हैं !

जिसने बांटे दर्द सभी के, मिलते उसको छाले हैं !

एक पिता का हाल देखिए, इस नफरत की दुनिया में,

 जिसने धन दौलत तक दे दी, रोटी तक के लाले हैं !

 

अब प्यार के जहाँ में पैगाम नहीं मिलते !
इस भावना को ऊंचे आयाम नहीं मिलते !
मिलती हैं हर तरफ चीखें तो द्रौपदी की,
पर चीर जो बढ़ा दे, घनश्याम नहीं मिलते !

Posted on March 4, 2011 at 1:00pm — 2 Comments

Comment Wall (5 comments)

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At 1:29pm on August 10, 2012, Ranveer Pratap Singh said…

janmdiwas ki hardik shubhkaamnaayein....

At 7:17pm on August 10, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

At 4:23pm on December 31, 2010, PREETAM TIWARY(PREET) said…
At 4:06pm on December 31, 2010,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 10:58am on December 30, 2010, Admin said…
 
 
 

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