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Shekhar Chaturvedi
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Shekhar Chaturvedi replied to Admin's discussion "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १६
"छन्न पकैया, छन्न पकैया, वाह वाह राणा भाई  हर्ष हुआ मन में भारी , यह रचना खूब बनाई !"
Feb 8, 2012
Shekhar Chaturvedi replied to Navin C. Chaturvedi's discussion "OBO लाइव महा इवेंट" अंक- ४
"( आज हाइकु लिखने का प्रयास किया है कृपया वरिष्ठ जन मार्ग दर्शन करें |) भोर का आना | झिलमिलाता सूर्य| नव आरंभ|१| गिरता नीर| पर्वत पे निर्झर| पानी का शोर|२| ऋतु बसंत | फूलों  पे तितलियाँ| रस में लीन…"
Feb 3, 2011
Shekhar Chaturvedi replied to Navin C. Chaturvedi's discussion "OBO लाइव महा इवेंट" अंक- ४
"    लाँघी मरज़ाद जानें, वानें हार पाई है| सत्य परम सत्य ! पर फिर भी ऐसे लोगों की कमी नहीं जो ऐसा खिलवाड़ करने में तत्पर है|"
Feb 3, 2011
Shekhar Chaturvedi replied to Navin C. Chaturvedi's discussion "OBO लाइव महा इवेंट" अंक- ४
"धन्यवाद दानी जी !!!"
Feb 3, 2011
Shekhar Chaturvedi replied to Navin C. Chaturvedi's discussion "OBO लाइव महा इवेंट" अंक- ४
"वन्दे मातरम राकेश जी,  हौसला अफजाई के लिए शुक्रिया |"
Feb 3, 2011
Shekhar Chaturvedi replied to Navin C. Chaturvedi's discussion "OBO लाइव महा इवेंट" अंक- ४
"आभार बागी जी आपने इतनी शिद्दत से रचना पड़ी | सच में यह पंक्ति अदभुत बन पड़ी है |"
Feb 3, 2011
Shekhar Chaturvedi replied to Navin C. Chaturvedi's discussion "OBO लाइव महा इवेंट" अंक- ४
"प्रकृति में ही मन विश्राम पाता है| भोतिकवाद आत्मशांति नहीं देता |"
Feb 3, 2011
Shekhar Chaturvedi replied to Navin C. Chaturvedi's discussion "OBO लाइव महा इवेंट" अंक- ४
"धन्यवाद प्रीतम भाई !"
Feb 3, 2011
Shekhar Chaturvedi replied to Navin C. Chaturvedi's discussion "OBO लाइव महा इवेंट" अंक- ४
"आपको पसंद आई धर्मेन्द्र जी , बहुत शुक्रिया |"
Feb 3, 2011
Shekhar Chaturvedi replied to Navin C. Chaturvedi's discussion "OBO लाइव महा इवेंट" अंक- ४
"बहुत दिया देने वाले लेकिन आँचल ही न समाय तो क्या कीजे |  भाईसाब ! जो बिना एफर्ट मिल जाता है उसकी कदर नहीं करता इंसान | इसीलिए तो आज प्रकृति से खिलवाड़ हो रहा है|"
Feb 3, 2011
Shekhar Chaturvedi is now friends with sanjiv verma 'salil' and Navin C. Chaturvedi
Feb 2, 2011
Shekhar Chaturvedi replied to Navin C. Chaturvedi's discussion "OBO लाइव महा इवेंट" अंक- ४
"न तनकर रहो तुम, फलो तो झुको तुम. नियति चाहती है हमें यह सिखाना.. फूलो-फलो तो, न जोड़ो-धरो तुम.  मिला जो जहाँ जब, तुरत ही लुटाना.. कभी जब अहम् का, वहम हो तनिक भी. चुल्लू में लेकर 'सलिल', मुँह दिखाना..   क्या कहने! सम्पूर्ण रचना ही…"
Feb 2, 2011
Shekhar Chaturvedi replied to Navin C. Chaturvedi's discussion "OBO लाइव महा इवेंट" अंक- ४
"वाह पांडे जी ! सुन्दर ग़ज़ल के लिये बहुत बधाई |"
Feb 2, 2011
Shekhar Chaturvedi replied to Navin C. Chaturvedi's discussion "OBO लाइव महा इवेंट" अंक- ४
"Thnx! Sharda ji!"
Feb 2, 2011
Shekhar Chaturvedi replied to Navin C. Chaturvedi's discussion "OBO लाइव महा इवेंट" अंक- ४
"बहुत आभार केशरी जी !"
Feb 2, 2011
Shekhar Chaturvedi replied to Navin C. Chaturvedi's discussion "OBO लाइव महा इवेंट" अंक- ४
"सतरंगी !!!!!!"
Feb 2, 2011

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Male
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Mathura
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"बहुत सुंदर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई ।"
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"वाह बहुत खूब......"
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"वाकई सपने धीरे धीरे रूप बदलते हैं......"
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"शानदार गीत के लिए बधाई........."
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"वर्तमान की एकदम सही तस्वीर.....बधाई"
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"वाह बहुत खूब ग़ज़ल कही है..... भाईजी।"
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हिमगिरी की आँखे नम हैं(कविता)

हिमगिरि की आँखे नम हैं|पुनः कुठाराघात सह रहीं,माँ भारती कुछ वर्षों से ।पीड़ादायी दंश दे रहे ,नवल…See More
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"चूजे से सपनो में देखा है जिनको उनको पंख लग गए, और वे सब.... जीवन का यथार्थ है| बहुत सुंदर लिखा है…"
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KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post सूर्य उगाने जैसा हो- गीत
"सुंदर गीत लिखा है आपने आदर्निया बसंत कुमार जी, बधाई स्वीकारें|"
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KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on Mohammed Arif's blog post कविता--कश्मीर अभी ज़िंदा है भाग-1
"नमस्ते आदरणीय मोहम्मद आरिफ साहब, बहुत प्रभावशाली कविता लिखी है आपने, हार्दिक बधाई आपको|"
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