For any Query/Feedback/Suggestion relating to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गनेश जी "बागी")

Raj's Page

Latest Activity

mamta pandey(bhojpuri singer) and Raj are now friends
Dec 2, 2011
Raj posted a blog post

द्रोण दक्ष

जीर्ण है शीर्ण है मंद है मलिग्न हैसोच से ओत प्रोतसुस्त हैत्रस्त हैदुर्भिन हैदुर्भिक्ष हैअकाल जबसमक्ष हैकम्पशीलअशीलदेह आजप्राणहीनरूपविहीनरिक्त रिक्त कक्ष हैभयतीतअन्तशीलशिला समभारी तनपंख प्राणपवन मनघोर घोर घुर्र घुर्रअंधकारतेज़ रारदीघर कृष्ण पक्ष हैअति दूरस्वप्न पथडगर डगरअग्नि पथसमेट सबबढ़ता चलनहीं कोई तेरा अतीतपल पल प्रिय मीतद्रश्य है जो भविष्य हैतूँ द्रोण दक्ष है ,तूँ द्रोण दक्ष है ,तूँ द्रोण दक्ष है ,द्रश्य है जो भविष्य हैतूँ द्रोण दक्ष हैSee More
Jul 10, 2011
Raj left a comment for Anjana Dayal de Prewitt
"thanx for being my friend,  r u working for a social cause?"
Jun 16, 2011
Raj posted a blog post

द्रोण दक्ष

जीर्ण है शीर्ण है मंद है मलिग्न हैसोच से ओत प्रोतसुस्त हैत्रस्त हैदुर्भिन हैदुर्भिक्ष हैअकाल जबसमक्ष हैकम्पशीलअशीलदेह आजप्राणहीनरूपविहीनरिक्त रिक्त कक्ष हैभयतीतअन्तशीलशिला समभारी तनपंख प्राणपवन मनघोर घोर घुर्र घुर्रअंधकारतेज़ रारदीघर कृष्ण पक्ष हैअति दूरस्वप्न पथडगर डगरअग्नि पथसमेट सबबढ़ता चलनहीं कोई तेरा अतीतपल पल प्रिय मीतद्रश्य है जो भविष्य हैतूँ द्रोण दक्ष है ,तूँ द्रोण दक्ष है ,तूँ द्रोण दक्ष है ,द्रश्य है जो भविष्य हैतूँ द्रोण दक्ष हैSee More
Jun 15, 2011
Raj updated their profile
Jun 15, 2011
Raj joined Admin's group
Thumbnail

English Literature

You can write English literature in this Group.
Apr 29, 2011
Raj joined Admin's group
Thumbnail

ग़ज़ल की बातें

इस समूह मे ग़ज़ल और ग़ज़ल के तकनीकि पहलुओं पर चर्चा की जा सकती है
Apr 29, 2011
Raj replied to Tilak Raj Kapoor's discussion ग़ज़ल-संक्षिप्‍त आधार जानकारी-6 in the group ग़ज़ल की कक्षा
"आदरनीय तिलक जी ग़ज़ल के बारे में महत्वपूरण जानकारी देने के लिए धन्यवाद. मेरी एक समस्या है की मैं रदीफ़ काफिये का ध्यान रख लेता हूँ और मात्राएँ भी हर एक शेर में बराबर रख लेता हूँ , लेकिन बहर कैसे निर्धारित होती यह मेरी समझ से बाहर है, कृपा करके…"
Apr 29, 2011
Raj liked Admin's group ग़ज़ल की कक्षा
Apr 26, 2011
Raj joined Admin's group
Thumbnail

ग़ज़ल की कक्षा

इस समूह मे ग़ज़ल की कक्षा आदरणीय श्री तिलक राज कपूर द्वारा आयोजित की जाएगी, जो सदस्य सीखने के इच्‍छुक है वो यह ग्रुप ज्वाइन कर लें |धन्यवाद |See More
Apr 24, 2011
Raj posted a blog post

शिकवा गिला

उसको भी कुछ शिकवा गिला होगामेरे संग कुछ और भी जला होगाराख उडी तो होगी हवा के साथइक ज़र्रा उस दामन पे गिरा होगासामान तो सब बचा लिया गया होगानहीं वो, जो बदन से सिला होगामैनें घर जलाया रोशनी के लिएकौन मुझ जैसा यहाँ दिलजला होगाआज भी शाम ढल गयी होगी तन्हांसूरज भी लाली से सना होगारुका होगा कुछ सोचकर मेरा यारदो क़दम घर से ज़रूर चला होगारोजी पे गया सो बेखबर होगामस्त है जो मखमल पे पला होगाSee More
Apr 23, 2011
chain singh shekhawat left a comment for Raj
"shukriya raj..."
Apr 19, 2011
Raj posted a blog post

आप जब से

आप जब से करीब आये हैंमेरे अच्छे नसीब आये हैंगुनगुनाने लगी हैं दीवारेंसाए बन के हबीब आये हैंदूर गाँव से पोटली वाले मुझे मनाने रकीब आये हैंअमीर क्या समझे सूफी को मेरे घर में गरीब आये हैंखोल कर आँख देखूं तो ज़राआज सपने अजीब आये हैंSee More
Apr 18, 2011
Raj updated their profile photo
Apr 18, 2011
Ganesh Jee "Bagi" left a comment for Raj
" अपने मित्रो और परिचितों को ओपन बुक्स ऑनलाइन से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक करे..."
Apr 18, 2011
PREETAM TIWARY(PREET) left a comment for Raj
Apr 17, 2011

Profile Information

Gender
Male
City State
mumbai
Native Place
chandigarh

Raj's Blog

द्रोण दक्ष

Posted on June 15, 2011 at 2:00pm 0 Comments

जीर्ण है शीर्ण है

मंद है मलिग्न है

सोच से ओत प्रोत

सुस्त है

त्रस्त है

दुर्भिन है

दुर्भिक्ष है

अकाल जब

समक्ष है

कम्पशील

अशील

देह आज

प्राणहीन

रूपविहीन

रिक्त रिक्त कक्ष है

भयतीत

अन्तशील

शिला सम

भारी तन

पंख प्राण

पवन मन

घोर घोर घुर्र घुर्र

अंधकार

तेज़ रार

दीघर कृष्ण पक्ष है

अति दूर

स्वप्न पथ

डगर डगर

अग्नि पथ

समेट… Continue

शिकवा गिला

Posted on April 23, 2011 at 11:22am 0 Comments

उसको भी कुछ शिकवा गिला होगा
मेरे संग कुछ और भी जला होगा

राख उडी तो होगी हवा के साथ
इक ज़र्रा उस दामन पे गिरा होगा

सामान तो सब बचा लिया गया होगा
नहीं वो, जो बदन से सिला होगा

मैनें घर जलाया रोशनी के लिए
कौन मुझ जैसा यहाँ दिलजला होगा

आज भी शाम ढल गयी होगी तन्हां
सूरज भी लाली से सना होगा

रुका होगा कुछ सोचकर मेरा यार
दो क़दम घर से ज़रूर चला होगा

रोजी पे गया सो बेखबर होगा
मस्त है जो मखमल पे पला होगा

आप जब से

Posted on April 18, 2011 at 9:32pm 0 Comments

आप जब से करीब आये हैं
मेरे अच्छे नसीब आये हैं
गुनगुनाने लगी हैं दीवारें
साए बन के हबीब आये हैं
दूर गाँव से पोटली वाले
मुझे मनाने रकीब आये हैं
अमीर क्या समझे सूफी को
मेरे घर में गरीब आये हैं
खोल कर आँख देखूं तो ज़रा
आज सपने अजीब आये हैं

Comment Wall (4 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 10:08pm on April 19, 2011, chain singh shekhawat said…
shukriya raj...
At 7:07pm on April 18, 2011, Ganesh Jee "Bagi" said…
At 9:59am on April 17, 2011, PREETAM TIWARY(PREET) said…
At 9:19am on April 17, 2011, Admin said…
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिककर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करेऔर फिर रन करा दे |

4-"OBO" मुफ्त विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँक्लिक करे |

Latest Activity

UMASHANKER MISHRA commented on Albela Khatri's blog post धुंए का शौक लग गया तो ज़िन्दगी गई
"बहेतरीन  प्रस्तुति- बेहतरीन कार्टून के साथ कटु सत्य, साथ शिक्षाप्रद बधाई .."
1 minute ago
MAHIMA SHREE commented on Albela Khatri's blog post धुंए का शौक लग गया तो ज़िन्दगी गई
"ज़र्दा चबा चबा के मुँह को सन्त कर दिया अब स्वाद और मसालों की पसन्दगी गई अलबेलाजी दिन रात खोहों…"
7 minutes ago
Saurabh Pandey commented on arunendra mishra's blog post जीवन तुझसे एक वर माँगू
"भाई अरुणेंद्र जी, आपकी वैचारिकता सनातन पारंपरिक सोच का परावर्तन है. रचना पाठक का ध्यान खींचने में…"
8 minutes ago
MAHIMA SHREE commented on MAHIMA SHREE's blog post दो कवितायेँ किसान भाईयों के लिए
"ओह तब तो आपकी प्रतिक्रिया बहुत मायने रखती है ... अपने जिए गए अनुभव से कुछ आप भी लिखिए अरुण जी…"
12 minutes ago
Albela Khatri commented on Albela Khatri's blog post धुंए का शौक लग गया तो ज़िन्दगी गई
"अरुण जी, कम नहीं तो ग़म नहीं..............हा हा हा प्यार बनाए रखिये........"
18 minutes ago
Arun Srivastava commented on MAHIMA SHREE's blog post दो कवितायेँ किसान भाईयों के लिए
"आपका प्रयास सफल रहा महिमा जी ! मैं खुद भी किसान परिवार से हूँ ! हर दर्द को महसूस किया है मैंने उसे…"
25 minutes ago
MAHIMA SHREE commented on MAHIMA SHREE's blog post दो कवितायेँ किसान भाईयों के लिए
"पसंद करने के लिए धन्यवाद हिमांशु पटेल जी"
28 minutes ago
MAHIMA SHREE commented on MAHIMA SHREE's blog post दो कवितायेँ किसान भाईयों के लिए
"अरुण जी नमस्कार , आपकी प्रतिक्रिया का इन्तजार रहता है /…"
30 minutes ago
Arun Srivastava commented on Albela Khatri's blog post धुंए का शौक लग गया तो ज़िन्दगी गई
"वाह खत्री सर गजल तो गज़ल प्रतिक्रिया भी कम नही है ! :-)) :-))"
31 minutes ago
Albela Khatri commented on Albela Khatri's blog post धुंए का शौक लग गया तो ज़िन्दगी गई
"खत्री ने तो कही सो कही ...पर आपने भी  ख़ूब  दाद दी.....इस सराहना के लिए लाख लाख …"
40 minutes ago
Albela Khatri commented on Albela Khatri's blog post धुंए का शौक लग गया तो ज़िन्दगी गई
"आदरणीय अरुण श्रीवास्तव जी, आपने वास्तव में  मुझे बल दे दिया है इतनी बड़ी बात कह कर..........आशा…"
44 minutes ago
Albela Khatri posted a photo

Albela Khatris book in San Jose CL

लेउवा पाटीदार समाज ऑफ़ यू.एस.ए. द्वारा केलिफोर्निया के सेन होज़े में आयोजित मेगा कन्वेंशन में…
48 minutes ago

© 2012   Created by Admin.

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service