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विमल शर्मा 'विमल'
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विमल शर्मा 'विमल''s Page

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आशीष यादव commented on विमल शर्मा 'विमल''s blog post महकता यौवन/ विमल शर्मा 'विमल'
"बहुत सुंदर, बहुत सुंदर।"
Dec 15, 2019
विमल शर्मा 'विमल' commented on विमल शर्मा 'विमल''s blog post महकता यौवन/ विमल शर्मा 'विमल'
"आदाब आदरणीय समर कबीर साहब ...उत्साहवर्धन हेतु दिली शुक्रिया आपका।"
Dec 14, 2019
Samar kabeer commented on विमल शर्मा 'विमल''s blog post महकता यौवन/ विमल शर्मा 'विमल'
"जनाब विमल शर्मा 'विमल' जी आदाब, अच्छी रचना हुई है,बधाई स्वीकार करें ।"
Dec 13, 2019
विमल शर्मा 'विमल' posted blog posts
Dec 13, 2019
विमल शर्मा 'विमल' commented on विमल शर्मा 'विमल''s blog post रंग हम ऐसा लगाने आ गये - विमल शर्मा 'विमल'
"आदरणी अग्रज लक्ष्मण धामी जी कोटिशः आभार एवं धन्यवाद"
Dec 11, 2019
विमल शर्मा 'विमल' commented on विमल शर्मा 'विमल''s blog post थामूँ तोरी बाँहे गोरी / तिन्ना छंद
"आद० लक्ष्मण धामी जी ..हार्दिक आभार आपका"
Dec 9, 2019
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on विमल शर्मा 'विमल''s blog post थामूँ तोरी बाँहे गोरी / तिन्ना छंद
"आ. विमल जी, बेहतरीन रचना हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Nov 20, 2019
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on विमल शर्मा 'विमल''s blog post रंग हम ऐसा लगाने आ गये - विमल शर्मा 'विमल'
"आ. भाई विमल जी, सुंदर गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Nov 5, 2019
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Oct 29, 2019
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Oct 29, 2019
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Oct 29, 2019
विमल शर्मा 'विमल' commented on विमल शर्मा 'विमल''s blog post रंग हम ऐसा लगाने आ गये/एक गजल
"बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय समर कबीर साहब ।"
Oct 29, 2019
Samar kabeer commented on विमल शर्मा 'विमल''s blog post रंग हम ऐसा लगाने आ गये/एक गजल
"जनाब विमल शर्मा 'विमल' जी आदाब, ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । 'प्रेम हम तुम पर लुटाने आ गये।आज फिर तुमको सताने आ गये' इस मतले के ऊला में 'तुम' और सानी में 'तुमको' शब्द उचित नहीं,बहतर होगा सानी…"
Oct 29, 2019
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Oct 28, 2019
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रंग हम ऐसा लगाने आ गये - विमल शर्मा 'विमल'

प्रेम हम तुम पर लुटाने आ गये। आज फिर देखो सताने आ गये। चूम अधरों को तुम्हारे अब प्रिये, लालिमा इनकी बढ़ाने आ गये। लाज से हैं झुक रहे तेरे नयन, आज हम इनको लुभाने आ गये। देख यौवन की छटा मधुरिम शुभे, प्रेम रस में हम डुबाने आ गये। छूटता है जो नहीं प्रिय उम्र भर, रंग हम ऐसा लगाने आ गये। रूप से छलके सुरा जो मद भरी, आज हम पीने पिलाने आ गये। -विमल शर्मा 'विमल' स्वरचित एवं अप्रकाशितSee More
Oct 28, 2019
विमल शर्मा 'विमल' commented on विमल शर्मा 'विमल''s blog post थामूँ तोरी बाँहे गोरी / तिन्ना छंद
"बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार आदरणीय विजय जी"
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Male
City State
उत्तर प्रदेश
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सीतापुर
Profession
not
About me
मैं एक साहित्य सेवक हूँ

विमल शर्मा 'विमल''s Blog

महकता यौवन/ विमल शर्मा 'विमल'

उठे सरस मृदु गंध, महकता यौवन तेरा।

देख जिसे दिन रात ,डोलता है मन मेरा।

अधर मधुर मुस्कान, छलकती मय की प्याली।

चुभती बनकर शूल, चमकती तेरी बाली।

क्षण भर भी तुमसे दूर, नहीं अब रह पाऊँगा।

न तुम ऐसे शरमाओ, कसम से मर जाऊँगा।



गोरे गोरे गाल, दामिनी द्युति सम चमकें।

हृदय लगाती आग, अधखुली तेरी पलकें।

चंचल तेरा रूप, केश हैं उस पर उलझे।

करे ठिठोली आज, नहीं अब तुमसे सुलझे।

तेरे नैनों का वार, नहीं अब सह पाऊँगा।

न तुम ऐसे शरमाओ, कसम से मर…

Continue

Posted on December 11, 2019 at 6:00pm — 3 Comments

रंग हम ऐसा लगाने आ गये - विमल शर्मा 'विमल'

प्रेम हम तुम पर लुटाने आ गये।
आज फिर देखो सताने आ गये।

चूम अधरों को तुम्हारे अब प्रिये,
लालिमा इनकी बढ़ाने आ गये।

लाज से हैं झुक रहे तेरे नयन,
आज हम इनको लुभाने आ गये।

देख यौवन की छटा मधुरिम शुभे,
प्रेम रस में हम डुबाने आ गये।

छूटता है जो नहीं प्रिय उम्र भर,
रंग हम ऐसा लगाने आ गये।

रूप से छलके सुरा जो मद भरी,
आज हम पीने पिलाने आ गये।

-विमल शर्मा 'विमल'
स्वरचित एवं अप्रकाशित

Posted on October 28, 2019 at 11:00am — 4 Comments

थामूँ तोरी बाँहे गोरी / तिन्ना छंद

2 2 2 2

चोरी-चोरी।
ओ री छोरी।
थामूँ तोरी।
बाँहे गोरी।

जागे नैना।
पूरी रैना।
खोएँ चैना।
भूले बैना।

आजा चूमूँ।
थोड़ा झूमूँ।
सांसे घोलूँ।
तेरा होलूँ।

- विमल शर्मा 'विमल'
स्वरचित

Posted on October 16, 2019 at 12:59pm — 7 Comments

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