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सीतापुर में ओ बी ओ काव्य समारोह व सम्मान समारोह में काव्यपाठ करती हुई कु० कोमल बाजपेई

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Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130
"आदरणीय निलेश जी अच्छी ग़ज़ल हुई।बधाई स्वीकार करें आख़िर में नाकाम हुए,मक़्ता ख़ूब हुआ। सादर।"
1 hour ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130
"आदरणीय निलेश जी बहुत शुक्रिया आपका। सादर।"
1 hour ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130
"आदरणीय लक्ष्मण जी,अभिवादन जी धन्यवाद आपका। बेहतर है, ठीक करती हूँ इसे। सादर।"
1 hour ago
निलेश बरई (नवाज़िश) replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी नमस्कार, बहुत ही उम्दः ग़ज़ल हुई है, बहुत बधाई बेहतरीन ग़ज़ल के लिए।"
2 hours ago
निलेश बरई (नवाज़िश) replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130
"आ. रिचा जी नमस्कार,बहुत ही उम्दः ग़ज़ल हुई है, बहुत बधाई आपको"
2 hours ago
निलेश बरई (नवाज़िश) replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130
"आदरणीय सालिक जी नमस्कार,बहुत ही उम्दः ग़ज़ल कही है आपने बहुत बहुत बधाई इस ग़ज़ल के लिए।"
2 hours ago
निलेश बरई (नवाज़िश) replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130
"सुब्ह के जैसे चमक रहे थें देख के तुझको शाम हुए कर के रौशन तेरी दुनिया हम तो माह-ए-तमाम हुए। तंज…"
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130
"आ. रिचा जी, सादर अभिवादन । उम्दा गजल हुई है । हार्दिक बधाई । /जाने नज़र ये किसकी लगी है हम बुझती सी…"
2 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130
"आदरणीय लक्ष्मण जी, नमस्कार अच्छी ग़ज़ल हुई है। बधाई स्वीकार कीजिये सादर।"
3 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130
"आदरणीय सालिक जी,नमस्कार बहुत खूब ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार कीजिये। सादर।"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130
"आ. भाई सालिक गणवीर जी, सादर अभिवादन । एक बेहतरीन गजल से मंच का शुभारम्भ करने के लिए बहुत बहुत बधाई ।"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-130
"चौराहे  पर  मान  गँवाना  मर्यादा  के  काम हुएपूछ रहा मन सोते जगते…"
5 hours ago

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