मुतदारिक मुसम्मन सालिम
फ़ाइलुन फ़ाइलुन फ़ाइलुन फ़ाइलुन
212 212 212 212
लोग ही जब नजर को चुराते रहे
पास मेरे खुदा ख़ूब आते रहे
ऐब तेरे कहीं जब छुपाते रहे
वो गिनाते रहे हम लजाते रहे
याद में थी गलतियाँ अनेकों जिसे
हम…
ContinuePosted on September 25, 2026 at 8:51am
रमल मुसम्मन महज़ूफ़
फ़ाएलातुन फ़ाएलातुन फ़ाएलातुन फ़ाइलुन
2122 2122 2122 212
दोस्ती का हाथ हमसे भी मिलाते जाइए
एक गुल जिंदा दिली की बस खिलाते जाइए
मशवरा मै भूलता हूँ कब किसी का आजकल
बेसबब तोहमत कहीं फिर ना लगाते जाइए
इस सियासत की जड़ें ज्यादा कहीं गहरी …
ContinuePosted on September 25, 2026 at 8:49am
रमल मुसम्मन महज़ूफ़
फ़ाएलातुन फ़ाएलातुन फ़ाएलातुन फ़ाइलुन
2122 2122 2122 212
लापता मैं हो गया इक गुमशुदा के वास्ते
मांग लूँ मैं माफियाँ हरदम ख़ता के वास्ते
जिंदगी की राह में खोने लगा है आदमी
खलबली सी है मची शर्मों -हया के…
ContinuePosted on September 25, 2026 at 8:48am
हज़ज मुसद्दस महज़ूफ़
मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन फ़ऊलुन
1222 1222 122
जो नाजुक दौर में हिलता रहा है
वो कुर्सी का मिरा पाया रहा है
ये हाले जार पर मेरे किसी के
खयालों का कसीदा आ रहा है
हमारी जिंदगी का फैसला भी
अदालत में…
ContinuePosted on September 25, 2026 at 8:47am
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I need to have a word privately,Could you please get back to me on ( mrs.ericaw1@gmail.com)Thanks.