For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

दुई लरिका से ज्यादा पैदा न करबे।।

राम कसम हमहू नसबन्दी करौबय।।

रतिया म अपने सैया का मनौबय।।

राम कसम हमहू नसबन्दी करौबय।।

महगा भ कपड़ा साबुन तेल।।

सेंट् पाउडर और फुलेल ..

कहवा से लल्ला का दुधवा पिलौबय।।

राम कसम हमहू नसबन्दी करौबय।।

जो खिलौना से वह खेलेगा।

ल दो मम्मी औसा बोलेगा ..

कहि के सजन से तुरंत करिदौबय।।

राम कसम हमहू नसबन्दी करौबय।।

अच्छे स्कूल में पढौगी।।

सुन्दर से लल्ले को सजौगी।।

संगम म जाय के संग म नहैबय।।

राम कसम हमहू नसबन्दी करौबय।।

Views: 910

Attachments:

Replies to This Discussion

अच्छा संदेश देती रचना! मेरी बधाई स्वीकारें।

मेरे विचार से चूंकि यह आंचलिक भाषा का समूह है इसलिए यह आवश्यक हो जाता है कि रचना के साथ यह जानकारी भी दी जानी चाहिए कि रचना किस आंचलिक भाषा में लिखी गयी है।

//जो खिलौना से वह खेलेगा।

ल दो मम्मी औसा बोलेगा ..//

इन दो पंक्तियों का अंत खड़ी बोली से है।

अच्छे स्कूल में पढौगी।।

सुन्दर से लल्ले को सजौगी।।

इन दो पंक्तियों का अंत ‘औगी’ से हो रहा है जबकि अन्य पंक्तियों में आपने ‘औबय’ का प्रयोग किया है। इसे ‘पढ़ौबय’, ‘सजौबय’ किया जा सकता था।

श्रीमान जी सादर नमस्कार///

लिखने  कुछ गलती हो गयी है. मै क्षमा चाहता हूँ .. इस कविता को मैंने अवधी में लिखा ,, आगे हम सतर्क हो करके   लिखेगे ...
धन्यवाद//

भइया जयराम जी की! अब एहमां क्षमा मांगै के कौन जरूरत बा। हमहूं अवधिन बोलै वाला अही। हम जानत रहे तबौ पूछे काहे के हुइ सकत है कि मनइ कउनो अउर भाखा मा लिखे होय अउर हम ओका अवधी समझ लेई।

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
4 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
9 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"गजल*****करता है कौन दिल से भला दिल की बात अबबनती कहाँ है दिल की दवा दिल की बात अब।१।*इक दौर वो…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"सादर अभिवादन।"
yesterday
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"स्वागतम"
yesterday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"  आदरणीय रवि भसीन 'शाहिद' जी सादर नमस्कार, रास्तो पर तीरगी...ये वही रास्ते हैं जिन…"
Friday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service