For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बाल कविता

 

 

हुआ सवेरा जागो मुन्ने !

सरपट सरपट भागो मुन्ने !

 

देखो सूरज चाचा आए,

भोर सुनहरी झिलमिल लाए।

 

.खिली प्रेम से नन्हीं कलियाँ,

रंग बिरंगी उड़ें तितलियाँ ।

चिड़ियाँ चीं चीं लगीं चहकने ,

कोयल कू कू लगी कुहुकने ।

 

भँवरे करते गुन गुन गुन गुन ,

बजें घंटियाँ टुन टुन टुन टुन।

 

चल दिये सब विद्यार्थी ,

बस्ता लेकर सब शिक्षार्थी ।

 

देर न होने पाये,  मुन्ने !

झटपट झटपट जागो मुन्ने !

 

सरपट सरपट भागो मुन्ने  !

हुआ सबेरा जागो मुन्ने ! ......................... अन्नपूर्णा बाजपेई

 

 

अप्रकाशित एवं मौलिक

 

 

 

 

Views: 815

Replies to This Discussion

आदरणीया अन्नपूर्णा जी..

बहुत सुन्दर बाल गीत... सुकोमल भाव ..हार्दिक बधाई आपको.

यदि प्रथम दो पंक्तियों की तरह सभी पंक्तियों को १६ की मात्रा गणना के अनुसार साधें तो गेयता व प्रवाह अद्भुत होगा..

जैसे..

हुआ सवेरा जागो मुन्ने !.............................१६

सरपट सरपट भागो मुन्ने !..........................१६ 

 

देखो सूरज चाचा आ पधारे,...............................देखो सूरज चाचा आए

कैसी भोर सुनहरी ला पधारे।.............................भोर सुनहरी झिलमिल लाए

 

खिल उठीं नन्ही नन्ही कलियाँ,...........................खिली प्रेम से नन्हीं कलियाँ 

आ बैठी सुंदर प्यारी तितलियाँ ।.........................रंग बिरंगी उड़ें तितलियाँ 

पेड़ों पर चिड़ियाँ चहकने लगी,..............................चिड़ियाँ चीं चीं लगीं चहकने 

अंबवा पर कोयल कुहुकने लगी ।.........................कोयल कू कू लगी कुहुकने 

 

फूलों पर भँवरे करते  गुन गुन ,.............................भँवरे करते गुन गुन गुन गुन 

मंदिर मे बजती घंटियाँ टुन टुन ।............................बजें घंटियाँ टुन टुन टुन टुन

.................शायद सहमत हों..

शब्द साधना यूँ ही अनवरत चलती रहे 

शुभकामनाएँ 

 

आदरणीया प्राची जी आपका बहुत आभार मै आपकी बात से सहमत हूँ । और मै ये परिवर्तन भी कर लूँगी । सादर 

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
7 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
17 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
20 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
23 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
23 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
yesterday
Sushil Sarna posted blog posts
yesterday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
yesterday
Jaihind Raipuri posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212    22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत मेंक्या से क्या हो गए महब्बत में मैं ख़यालों में आ गया उस…See More
Tuesday
Jaihind Raipuri commented on Admin's group आंचलिक साहित्य
"कुंडलिया छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ी ह भाखा, सरल ऐकर बिधान सहजता से बोल सके, लइका अऊ सियान लइका अऊ…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service