For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आप अपना बिचार दे क्या बापू के सोच के हिसाब से हम चल रहे हैं ,

आप अपना बिचार दे क्या बापू के सोच के हिसाब से हम चल रहे हैं , बापू ने अपना सुखमय जीवन देश पे समर्पित कर दी , और उन्हें क्या मिला गोली और हम उनके सपना को तार तार कर दिए ,
बापू के आज हैं जनम दिन ,
देख के हालत देश का ,
मन से आई आवाज ,
दिल तरप कर बोला ,
कही बम चले कही गोली ,
कोई खेले खून की होली ,
स्वर्ग में बैठे बापू देखे ,
हिंद में ये क्या हो रहा हैं ,
ऐसा सोचा न था ,
ऐसा सोचा न था ,

Views: 796

Reply to This

Replies to This Discussion

सर्वप्रथम तो ओपन बुक्स ऑनलाइन के मंच से इस चर्चा को शुरू करने के लिये आपका आभार, आज बापू के जन्म दिवस के अवसर पर यह विचारणीय विषय है कि क्या हम बापू द्वारा बताये रास्ते पर चल पा रहे है ? गुरु जी चुकी प्रथम आपने ही चर्चा कि शुरुआत करी है इसलिये सबसे पहले आप का मंतव्य आपेक्षित है |
बापू ने सत्य अहिंसा के राह पर चल कर देश की आजादी की कामना की और पूर्णतया सफल भी हुए , इनके बिपरीत नेता जी , आजाद , भगत सिंह इत्यादि देश भक्तो को नहीं भुला जा सकता मगर गाँधी जी ने जो रास्ता अपनाया अपना सब कुछ छोर कर देश हित में धोती धारण कर लिए , यह तक की समय के अनुरूप आचरण किये , उन्ही के नाम लेकर चलने वाली पार्टी कांग्रेश गाँधी जी की सोच के बिपरीत चल रही हैं , हमें मालूम हैं की हम गाँधी जी के पथ पर नहीं चल पाएंगे कारन हम ओ छमता नहीं हैं , मगर उनके आत्मा के सन्ति के लिए प्राथना तो कर सकते हैं " रघु पति राघव राजा राम पतित पावन सीता राम जय रघु नंदन जय घनश्याम मुरली मनोहर राधे श्याम " अगर कुछ गलत लिखा होऊ तो माफ़ी चाहते हुए नमस्कार ,
bhayee achy khyaalaat hai ...


बाद मरने के जन्मदिन क्या मने
कोई मा फिर से ना क्यूं बापू जने
dhanyabad

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212   22 वो समझते हैं मस्ख़रा दिल है कितने दुःख दर्द से भरा दिल…"
11 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
13 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

माना कि रंग भाते न फिर भी अगर पड़े -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२***पीछे गयी  है  छूट  जो  होली  गुलाल की साजिश है इसमें देख सियासी कपाल की।१। *…See More
16 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"जय-जय सादर"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"बेटा,  व्तक्तिवाची नहीं"
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"  आदरणीय दयाराम जी, रचनाकार का काम रचनाएँ प्रस्तुत करना है। पाठक-श्रोता-समीक्षक रचनओं में अपनी…"
Saturday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आदरणीय सौरभ पांडेय जी, हर रचना से एक संदेश देने का प्रयास होता है। मुझे आपकी इस लघु कथा से कोई…"
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"उत्साहवर्द्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी जी।  आप उन शब्दों या पंक्तियों को…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर लघुकथा हुई है। हार्दिक बधाई। एक दो जगह टंकण त्रुतियाँ रह…"
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"पत्थर पर उगती दूब ============ब्रह्मदत्तजी स्नान-ध्यान-पूजा आदि से निवृत हो कर अभी मुख्य कमरे में…"
Friday
Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"स्वागतम"
Thursday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीया रिचा यादव जी नमस्कार बहुत शुक्रिया हौसला अफ़ज़ाई का "
Thursday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service