For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Vivek Pandey Dwij's Discussions (8)

Discussions Replied To (8) Replies Latest Activity

"आदरणीय सतविंद्र राणा जी आपको बहुत बहुत धन्यवाद।"

Vivek Pandey Dwij replied Jun 13, 2020 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-116

82 Jun 14, 2020
Reply by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव

"अतिसुन्दर रचना भाई सुरेंद्र नाथ सिंह जी"

Vivek Pandey Dwij replied Jun 13, 2020 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-116

82 Jun 14, 2020
Reply by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव

"सादर आभार आदरणीय सतविंद्र राणा जी।"

Vivek Pandey Dwij replied Jun 13, 2020 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-116

82 Jun 14, 2020
Reply by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव

"तुकांत कविता। हम और हमारे लोग अरे! देखो किस राह चले जाते।नित करते पान गरल का सब, अभ…"

Vivek Pandey Dwij replied Jun 13, 2020 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-116

82 Jun 14, 2020
Reply by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव

"द्वितीय प्रस्तुति (कवित्त छंद) दिल से भला है यहाँ जो भी इंसान आज,नर वो नहीं यह पे द…"

Vivek Pandey Dwij replied Nov 10, 2019 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-109

75 Nov 10, 2019
Reply by Ashok Kumar Raktale

"प्रथम प्रस्तुति (दोहा छंद) करता हूँ आराधना, दिल से प्रभु मैं आजज्ञान सिन्धु बस चाह…"

Vivek Pandey Dwij replied Nov 10, 2019 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-109

75 Nov 10, 2019
Reply by Ashok Kumar Raktale

"आo सुरेंद्र सिंह कुशक्षत्रप जी इस सुंदर रचना के लिये बधाई स्वीकार करें।"

Vivek Pandey Dwij replied Nov 9, 2019 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-109

75 Nov 10, 2019
Reply by Ashok Kumar Raktale

"कुण्डलिया यारो! किस ये राह पर, चला आज इंसानवृक्ष हीन धरती किया, कहा इसे विज्ञानकहा…"

Vivek Pandey Dwij replied Jun 15, 2019 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-104

86 Jun 15, 2019
Reply by Dayaram Methani

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आ. भाई सुशील जी , सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहा मुक्तक रचित हुए हैं। हार्दिक बधाई। "
9 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय अजय गुप्ताअजेय जी, रूपमाला छंद में निबद्ध आपकी रचना का स्वागत है। आपने आम पाठक के लिए विधान…"
13 hours ago
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय सौरभ जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय जी ।सृजन समृद्ध हुआ…"
15 hours ago
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय सौरभ जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । आपका संशय और सुझाव उत्तम है । इसके लिए…"
15 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"  आदरणीय सुशील सरना जी, आयोजन में आपकी दूसरी प्रस्तुति का स्वागत है। हर दोहा आरंभ-अंत की…"
15 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"  आदरणीय सुशील सरना जी, आपने दोहा मुक्तक के माध्यम से शीर्षक को क्या ही खूब निभाया है ! एक-एक…"
15 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"

२१२२/२१२२/२१२ **** तीर्थ  जाना  हो  गया  है सैर जब भक्ति का हर भाव जाता तैर जब।१। * देवता…See More
22 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"अंत या आरंभ  --------------- ऋषि-मुनि, दरवेश ज्ञानी, कह गए सब संतहो गया आरंभ जिसका, है अटल…"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"दोहा पंचक  . . . आरम्भ/अंत अंत सदा  आरम्भ का, देता कष्ट  अनेक ।हरती यही विडम्बना ,…"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"दोहा मुक्तक. . . . . आदि-अन्त के मध्य में, चलती जीवन रेख ।साँसों के अभिलेख को, देख सके तो देख…"
yesterday
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"नमस्ते, सुशील जी। आप से मिली सराहना बह्त सुखदायक है। आपका हार्दिक आभार।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा एकादश. . . . . पतंग

मकर संक्रांति के अवसर परदोहा एकादश   . . . . पतंगआवारा मदमस्त सी, नभ में उड़े पतंग । बीच पतंगों के…See More
Wednesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service